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जब कलेक्टर बने ‘गुरुजी’: बच्चों के सपनों को दी नई उड़ान, शिक्षा और संस्कार का पढ़ाया अनमोल पाठ ‘स्कूल चलें हम अभियान’ बना प्रेरणा का मंच, कलेक्टर ने छात्रों संग बैठकर पढ़ाया, बांटे उपहार और जगाया आत्मविश्वास

कलयुग की कलम से राकेश यादव

जब कलेक्टर बने ‘गुरुजी’: बच्चों के सपनों को दी नई उड़ान, शिक्षा और संस्कार का पढ़ाया अनमोल पाठ ‘स्कूल चलें हम अभियान’ बना प्रेरणा का मंच, कलेक्टर ने छात्रों संग बैठकर पढ़ाया, बांटे उपहार और जगाया आत्मविश्वास

कलयुग की कलम कटनी – प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच गुरुवार का दिन जिले के स्कूली बच्चों के लिए यादगार बन गया। सरकारी दायित्वों से समय निकालकर कलेक्टर आशीष तिवारी शासकीय माध्यमिक शाला रॉबर्ट लाइन, माधवनगर पहुंचे और बच्चों के बीच अधिकारी नहीं, बल्कि एक शिक्षक, मार्गदर्शक और प्रेरक के रूप में नजर आए। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ बैठकर पढ़ाई की, सवाल पूछे, उनके सपनों को जाना और सफलता का ऐसा मंत्र दिया, जिसने बच्चों के चेहरे पर नई उम्मीद की मुस्कान बिखेर दी।

‘स्कूल चलें हम अभियान’ के तहत आयोजित शाला प्रवेशोत्सव में कलेक्टर ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके भविष्य के सपनों के बारे में पूछा। किसी ने सेना में जाकर देश सेवा करने की इच्छा जताई तो किसी ने डॉक्टर, शिक्षक, इंजीनियर और पुलिस अधिकारी बनने का लक्ष्य बताया। बच्चों की उत्सुकता और आत्मविश्वास से प्रभावित कलेक्टर ने कहा कि “बड़े सपने तभी पूरे होते हैं, जब मेहनत, अनुशासन और नियमित अध्ययन जीवन का हिस्सा बन जाए।”

कक्षा बनी प्रेरणा का मंच, पढ़ाई को बनाया रोचक

संवाद के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों से पुलिस और सेना की जिम्मेदारियों से जुड़े सवाल पूछे, जिनका बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास से उत्तर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासा और समझ की सराहना करते हुए हमेशा सीखने की ललक बनाए रखने की सीख दी।

पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए कलेक्टर ने मौसमों पर चर्चा की और सरल उदाहरणों के माध्यम से लीप वर्ष की अवधारणा समझाई। विज्ञान और सामान्य ज्ञान को सहज भाषा में समझाने की उनकी शैली से बच्चे काफी उत्साहित नजर आए। पसंदीदा ऋतु पूछने पर अधिकांश विद्यार्थियों ने मुस्कुराते हुए सर्दी को अपनी पसंद बताया।

सही जवाब देने वालों को मिले उपहार, बढ़ा उत्साह

कार्यक्रम के दौरान सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को कलेक्टर ने चॉकलेट, पेन, पेंसिल, कॉपी, स्केल और रबर भेंट कर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने सभी बच्चों से प्रतिदिन विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने तथा माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करने का आग्रह किया।

छात्रावास पहुंचकर जाना विद्यार्थियों का हाल

विद्यालय भ्रमण के बाद कलेक्टर रॉबर्ट लाइन स्थित बालक छात्रावास भी पहुंचे। यहां उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, रहन-सहन और दैनिक दिनचर्या की जानकारी ली। छात्रों को स्कूल बैग वितरित करते हुए छात्रावास की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और आवश्यक सुविधाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम के अंत में कलेक्टर ने विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जैसे मां जीवनभर अपने बच्चों का संरक्षण करती है, वैसे ही पेड़ भी मानव जीवन के सबसे बड़े संरक्षक हैं। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए।

100 से अधिक अधिकारियों ने निभाई प्रेरक की भूमिका

‘स्कूल चलें हम अभियान’ के तहत जिलेभर में 100 से अधिक अधिकारियों ने विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया और शिक्षा के महत्व, अनुशासन, नियमित अध्ययन तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सच्चिदानंद पांडे, डीपीसी प्रेमनारायण तिवारी, सहायक संचालक राजेश अग्रहरि, एडीपीसी अभय जैन सहित शिक्षकगण एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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