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स्वरोजगार को मिलेगी नई रफ्तार: बैंक बढ़ाएं ऋण वितरण, पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे योजनाओं का लाभ — कलेक्टर आशीष तिवारी,डीसीसी-डीएलआरसी बैठक में बैंकर्स और विभागीय अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर

कलयुग की कलम से राकेश यादव

स्वरोजगार को मिलेगी नई रफ्तार: बैंक बढ़ाएं ऋण वितरण, पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे योजनाओं का लाभ — कलेक्टर आशीष तिवारी,डीसीसी-डीएलआरसी बैठक में बैंकर्स और विभागीय अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर

कलयुग की कलम कटनी – जिले में स्वरोजगार को गति देने और युवाओं, महिलाओं तथा पात्र हितग्राहियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर आशीष तिवारी ने बैंकर्स एवं विभागीय अधिकारियों को ऋण वितरण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी स्वरोजगार योजनाओं का लाभ तभी आमजन तक पहुंचेगा, जब पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध और सरल प्रक्रिया के माध्यम से बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

गुरुवार को आयोजित जिला परामर्शदात्री समिति (डीसीसी) एवं जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (डीएलआरसी) की बैठक में कलेक्टर ने बैंकिंग गतिविधियों, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन कार्यक्रमों और विभिन्न विभागों की स्वरोजगार योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विभागों और बैंकों के बेहतर समन्वय से ही योजनाओं का लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सकता है।

बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरनप्रीत कौर, नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार, रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि, लीड बैंक प्रबंधक मेझरस किण्डो सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बैंकर्स मौजूद रहे।

स्वनिधि और मुद्रा योजना के प्रकरणों का करें शीघ्र निराकरण

कलेक्टर ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना एवं प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के प्रकरणों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागों द्वारा भेजे गए पात्र आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई कर ऋण स्वीकृत किया जाए, जिससे छोटे व्यापारियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।

बैंकवार समीक्षा में कई योजनाओं की प्रगति पर हुई चर्चा

बैठक में पशुपालन विभाग की आचार्य विद्यासागर योजना, क्षीरधारा योजना, कामधेनु योजना एवं बकरी पालन योजना, उद्योग विभाग की मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, आदिम जाति कल्याण विभाग की डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना एवं बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, उद्यानिकी विभाग की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उन्नयन योजना, मत्स्य विभाग तथा एनआरएलएम के अंतर्गत लंबित और स्वीकृत प्रकरणों की बैंकवार समीक्षा की गई।

समन्वय बढ़ाकर योजनाओं को दें गति

कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों और बैंकर्स से कहा कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आपसी समन्वय से ही संभव है। उन्होंने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा करने के निर्देश जिला पंचायत सीईओ को दिए।

बीमा पॉलिसी के दस्तावेज हितग्राहियों को देना होगा अनिवार्य

बैठक में निर्देश दिए गए कि जिन हितग्राहियों का बैंक के माध्यम से बीमा किया जाता है, उन्हें संबंधित बीमा पॉलिसी के दस्तावेज अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनके परिजनों को बीमा लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

अस्वीकृत प्रकरणों को दोबारा तैयार कर भेजें

कलेक्टर ने पिछले वित्तीय वर्ष में अस्वीकृत ऋण प्रकरणों को संबंधित विभागों को वापस भेजने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यक दस्तावेजों एवं औपचारिकताओं की पूर्ति कर उन्हें पुनः बैंक में प्रस्तुत किया जा सके। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत एएचपी एवं आईएसएस घटक के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति देने के निर्देश भी बैंकर्स को दिए।

बैठक का संदेश

कलेक्टर आशीष तिवारी ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल लक्ष्य पूरा करना नहीं, बल्कि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को स्वरोजगार, आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है। इसके लिए सभी विभागों और बैंकिंग संस्थाओं को जिम्मेदारी के साथ समन्वित प्रयास करने होंगे।

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