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रेत माफियाओं पर प्रशासन का बड़ा प्रहार: दतला नदी के 4 अवैध घाटों पर चला बुलडोजर, रैम्प और रास्ते किए ध्वस्त,अवैध उत्खनन रोकने कलेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई, जेसीबी से खोदे गए गड्ढे, बंद किए गए सभी मार्ग

कलयुग की कलम से राकेश यादव

रेत माफियाओं पर प्रशासन का बड़ा प्रहार: दतला नदी के 4 अवैध घाटों पर चला बुलडोजर, रैम्प और रास्ते किए ध्वस्त,अवैध उत्खनन रोकने कलेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई, जेसीबी से खोदे गए गड्ढे, बंद किए गए सभी मार्ग

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। ढीमरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम दशरमन स्थित दतला नदी में अवैध रेत कारोबार के लिए बनाए गए रैम्प और परिवहन मार्गों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। जेसीबी मशीनों की मदद से घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों को काटकर गहरे गड्ढे खोदे गए, ताकि भविष्य में दोबारा अवैध परिवहन न हो सके।

जिला कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर सिलौड़ी के नायब तहसीलदार खगेश भलावी के नेतृत्व में राजस्व अमले ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रशासनिक टीम ने दतला नदी के विभिन्न घाटों पर बनाए गए अवैध रैम्पों को हटाया और उन रास्तों को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया जिनका उपयोग रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के लिए किया जा रहा था।

चार प्रमुख घाटों पर एक साथ कार्रवाई

प्रशासन की यह कार्रवाई दतला नदी के सुनारखेड़ा घाट, डबरी घाट, बम्हौरी दतला घाट और शंकर घाट बम्हौरी में की गई। इन स्थानों पर लंबे समय से अवैध रेत परिवहन के लिए अस्थायी मार्ग और रैम्प तैयार किए गए थे। जेसीबी मशीनों से इन्हें तोड़कर रास्तों को निष्क्रिय कर दिया गया।

अवैध कारोबारियों पर प्रशासन की पैनी नजर

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाई गई है और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

संदेश साफ: अवैध उत्खनन किसी भी कीमत पर नहीं

दतला नदी के घाटों पर हुई यह कार्रवाई प्रशासन की उस नीति को दर्शाती है जिसमें प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और राजस्व हानि रोकने के लिए सख्ती से कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि अवैध रेत उत्खनन से पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होता है, इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

अवैध रेत कारोबार के खिलाफ प्रशासन की यह कार्रवाई क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने भी प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए उठाए गए इस कदम का स्वागत किया है।

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