मध्यप्रदेशराजनीति

मुख्यमंत्री के न आने पर सिहोरा में नाराजगी, ओवरब्रिज शुभारंभ से पहले सियासी हलचल तेज

कलयुग की कलम से राकेश यादव

मुख्यमंत्री के न आने पर सिहोरा में नाराजगी, ओवरब्रिज शुभारंभ से पहले सियासी हलचल तेज

कलयुग की कलम सिहोरा – खितौला रेलवे ओवर ब्रिज के शुभारंभ को लेकर जहां क्षेत्र में उत्साह का माहौल था, वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम में शामिल न होने की खबर ने सिहोरा वासियों की उम्मीदों को झटका दे दिया है। इस फैसले के बाद स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और आंदोलन से जुड़े लोगों में नाराजगी साफ तौर पर देखी जा रही है।

बताया जा रहा है कि 17 अप्रैल को प्रस्तावित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की जगह मंत्री एवं पूर्व सांसद राकेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, क्षेत्र में उपेक्षा के आरोप तेज हो गए और लोगों ने इसे सिहोरा के साथ लगातार हो रही अनदेखी का प्रतीक बताया।

पुराने वादे का दिलाया जा रहा स्मरण

गौरतलब है कि 26 दिसंबर 2025 को भोपाल में सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर गए प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। उस दौरान मुख्यमंत्री ने सिहोरा आने की सहमति दी थी और स्थानीय विधायक संतोष बरकड़े को कार्यक्रम तय करने के निर्देश भी दिए थे। इसके बाद खितौला रेलवे ओवर ब्रिज के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री के संभावित आगमन को लेकर क्षेत्र में उम्मीदें बढ़ गई थीं।

लेकिन अब कार्यक्रम में उनकी अनुपस्थिति को लेकर लोगों में निराशा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इससे सिहोरा के विकास और जिला बनाए जाने की मांग के प्रति सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़े होते हैं।

 बढ़ सकता है जनआंदोलन

लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति और अन्य संगठनों से जुड़े लोगों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि क्षेत्र की उपेक्षा इसी तरह जारी रही, तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जा सकता है। लोगों का कहना है कि सिहोरा लंबे समय से विकास और प्रशासनिक पहचान की मांग कर रहा है, लेकिन उसे अपेक्षित महत्व नहीं मिल पा रहा।

 मुख्यमंत्री को भेजा गया आमंत्रण

इधर, आंदोलन समिति के सदस्य अनिल जैन ने मुख्यमंत्री को पत्र एवं ईमेल के माध्यम से सिहोरा आने का आग्रह किया है। अपने पत्र में उन्होंने 26 दिसंबर को किए गए वादे का स्मरण कराते हुए खितौला रेलवे ओवर ब्रिज के शुभारंभ में शामिल होने का अनुरोध किया है।

जनभावना स्पष्ट

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह ओवर ब्रिज सिहोरा के लिए केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि विकास की उम्मीद का प्रतीक है। ऐसे में मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति से जनभावनाएं आहत हुई हैं।

अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या सरकार सिहोरा की नाराजगी को गंभीरता से लेते हुए आगे कोई बड़ा कदम उठाती है या नहीं। फिलहाल, इस मुद्दे ने क्षेत्रीय राजनीति को गरमा दिया है और आने वाले दिनों में इसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

Related Articles

Back to top button