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स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट: कटनी में संविदा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, नियमितीकरण समेत कई मांगों पर आर-पार की लड़ाई ‘मांगें पूरी करो या जवाब दो’— 32 हजार कर्मचारियों की आवाज बुलंद, नौकरी से निकालने की कथित धमकी पर भड़का आक्रोश

कलयुग की कलम से राकेश यादव

स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट: कटनी में संविदा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, नियमितीकरण समेत कई मांगों पर आर-पार की लड़ाई ‘मांगें पूरी करो या जवाब दो’— 32 हजार कर्मचारियों की आवाज बुलंद, नौकरी से निकालने की कथित धमकी पर भड़का आक्रोश

कलयुग की कलम कटनी – राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। जिले में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारी आंदोलन में शामिल हुए, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

संघ के जिला अध्यक्ष इंद्र कुमार बाजपेई ने बताया कि प्रदेशभर के करीब 32 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी लंबे समय से स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बनकर कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनकी प्रमुख मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है।

नियमितीकरण से लेकर वेतन वृद्धि तक कई मांगें

आंदोलनरत कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) का लाभ, स्वास्थ्य बीमा सुविधा, प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता, वेतन विसंगतियों का निराकरण और नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं शामिल हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने पहले चरणबद्ध तरीके से काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपने और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी बात शासन तक पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला।

ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों का बहिष्कार

मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज कर्मचारियों ने अब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार के शासकीय कार्यों का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। आंदोलन के चलते स्वास्थ्य विभाग की कई योजनाओं और सेवाओं के प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।

नौकरी से निकालने की कथित धमकी पर बढ़ा विवाद

संघ ने आरोप लगाया है कि भोपाल स्तर पर आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान संविदा कर्मचारियों को नौकरी से हटाने की चेतावनी दी गई, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश और बढ़ गया है। कर्मचारियों का कहना है कि मांगों के समाधान के बजाय दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

8 जून को भोपाल में होगा बड़ा प्रदर्शन

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो 8 जून को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए राज्य कर्मचारी संघ सहित अन्य कर्मचारी संगठनों से भी समर्थन मांगा गया है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ सकता है असर

संविदा कर्मचारियों की हड़ताल ऐसे समय में शुरू हुई है जब स्वास्थ्य सेवाओं में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। यदि आंदोलन लंबा खिंचता है तो जिले सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गति प्रभावित हो सकती है।

एक नजर में प्रमुख मांगें

संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण

एनपीएस और स्वास्थ्य बीमा सुविधा

10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि

महंगाई भत्ते का लाभ

वेतन विसंगतियों का निराकरण

नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं

फिलहाल संविदा कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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