“जल गंगा अभियान में सुस्ती पर सख्ती”30 ग्राम पंचायतों पर गिरी गाज, 3 दिन में जवाब नहीं तो एकतरफा कार्रवाई तय!
कलयुग की कलम से राकेश यादव

“जल गंगा अभियान में सुस्ती पर सख्ती”30 ग्राम पंचायतों पर गिरी गाज, 3 दिन में जवाब नहीं तो एकतरफा कार्रवाई तय!
कलयुग की कलम कटनी– जल संरक्षण और संवर्धन को लेकर चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर अब सख्ती शुरू हो गई है। जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने कार्यों में अपेक्षित प्रगति न होने पर जिले की 30 ग्राम पंचायतों के उपयंत्रियों, सचिवों एवं ग्राम रोजगार सहायकों को कारण बताओ नोटिस (SCN) जारी कर दिया है।
सीईओ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी तीन दिवस के भीतर समक्ष उपस्थित होकर तथ्यात्मक जवाब प्रस्तुत करें, अन्यथा उनके खिलाफ एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही की वजह बनी कार्रवाई
जिला पंचायत द्वारा जारी नोटिस में बताया गया है कि स्वीकृत कार्यों के मुकाबले कार्य प्रगति अत्यंत धीमी पाई गई बार-बार निर्देश देने के बावजूद संतोषजनक सुधार नहीं हुआ कई स्थानों पर अधिकारियों द्वारा दायित्वों में रुचि नहीं लेना और शासकीय कार्यों के प्रति उदासीनता सामने आई इन सभी कारणों को गंभीर मानते हुए यह कड़ी कार्रवाई की गई है।
इन जनपदों की पंचायतें आईं कार्रवाई के दायरे में
जिले के विभिन्न जनपद पंचायतों की कुल 30 ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी किया गया है, जिनमें प्रमुख रूप से—विजयराघवगढ़ – कांटी, देवसरी इंदौर, घुन्नौर, कुटेश्वर, इटौरा ढीमरखेड़ा – सरस्वाही, बम्हनी, कछारगांव छोटा, बरोदा, लालपुर कटनी – मझगवा फाटक, घघरी खुर्द, हरदुआ, झलवारा, घघरी कला बहोरीबंद – पटोरी, सलैया कुआं, हथियागढ़, बंधी धूरी, बहोरीबंद रीठी – हरद्वारा, कठौतिया, नयाखेड़ा, करहिया, धनिया बड़वारा – कुआं, नदावन, बुजबुजा, पनसोखर, बंदरी इन पंचायतों के संबंधित उपयंत्री, सचिव और ग्राम रोजगार सहायकों से जवाब तलब किया गया है।
“काम में सुधार लाएं, वरना कार्रवाई तय”
सीईओ सुश्री कौर ने साफ संकेत दिए हैं कि जल गंगा अभियान जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना और प्रगति दिखाना अनिवार्य है जिले में जल संरक्षण को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि अब काम में ढिलाई बरतने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे, वहीं जिम्मेदारी से काम करने वालों को ही प्राथमिकता मिलेगी।



