बढ़ते साइबर अपराधों के दौर में छात्राओं को दी गई सुरक्षा की सीख राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस पर शासकीय कन्या महाविद्यालय में हुआ जागरूकता व्याख्यान, पुलिस अधिकारियों ने बताए साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय
कलयुग की कलम से राकेश यादव

बढ़ते साइबर अपराधों के दौर में छात्राओं को दी गई सुरक्षा की सीख राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस पर शासकीय कन्या महाविद्यालय में हुआ जागरूकता व्याख्यान, पुलिस अधिकारियों ने बताए साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय
कलयुग की कलम कटनी -डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों के प्रति छात्राओं को जागरूक करने के उद्देश्य से शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के अवसर पर विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को साइबर सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा और सतर्कता के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के मार्गदर्शन में मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और वंदना के साथ किया गया। अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ. प्रभात ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा केवल व्यक्तिगत सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने छात्राओं से इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग करते समय सावधानी बरतने की अपील की।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया ने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए छात्राओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक तरीके बताए। उन्होंने फिशिंग लिंक, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, संदिग्ध वेबसाइट और सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने के जोखिमों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि सतर्कता, मजबूत पासवर्ड का उपयोग और संदिग्ध लिंक से दूरी बनाकर ही साइबर अपराधों से बचा जा सकता है।

नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया ने छात्राओं को व्यक्तिगत सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने घर से बाहर निकलते समय सतर्क रहने, सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा के उपाय अपनाने तथा आपात स्थिति में तुरंत पुलिस या हेल्पलाइन नंबरों से संपर्क करने की सलाह दी। साथ ही आत्मरक्षा के सरल उपायों के बारे में भी बताया। उप पुलिस अधीक्षक शिवा पाठक ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए साइबर सुरक्षा और व्यक्तिगत सुरक्षा के बीच गहरे संबंध पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. रोशनी पांडेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सहसंयोजक शिल्पी कुमारी सिंह सहित प्रकोष्ठ के अन्य सदस्यों के सहयोग और समन्वय से कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. विमला मिंज, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी, डॉ. अमिताभ पांडेय, के.जे. सिन्हा, बंदना मिश्रा, मिथलेश्वरी, डॉ. अशोक शर्मा, भीम बर्मन, प्रेमलाल कोवरे, प्रियंका सोनी, स्मृति दहायत, आरती वर्मा, मीनाक्षी वर्मा, डॉ. सोनिया कश्यप, अंजनेय तिवारी, डॉ. पी.सी. कोरी, डॉ. प्रतिमा सिंह, डॉ. सृष्टि श्रीवास्तव, डॉ. अनिल द्विवेदी, डॉ. अशुतोष द्विवेदी, डॉ. रंजना वर्मा, डॉ. श्रद्धा वर्मा, डॉ. मैत्रेयी शुक्ला, डॉ. अपर्णा मिश्रा, डॉ. मदन सिंह मरावी, पूजा सिंह राजपूत सहित बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रही।



