कटनी में शिक्षा सुधार का नया अभियान: हर कक्षा तक पहुंचेगी गुणवत्ता, हर बच्चे तक पहुंचेगा ज्ञान प्रभारी कलेक्टर हरसिमरनप्रीत कौर की पहल पर डाइट ने बनाई ठोस कार्ययोजना, शिक्षकों को मिला परिणामोन्मुख शिक्षा का मंत्र
कलयुग की कलम से राकेश यादव

कटनी में शिक्षा सुधार का नया अभियान: हर कक्षा तक पहुंचेगी गुणवत्ता, हर बच्चे तक पहुंचेगा ज्ञान प्रभारी कलेक्टर हरसिमरनप्रीत कौर की पहल पर डाइट ने बनाई ठोस कार्ययोजना, शिक्षकों को मिला परिणामोन्मुख शिक्षा का मंत्र
कलयुग की कलम कटनी – जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर लगातार सक्रिय और सजग भूमिका निभा रही हैं। उनके मार्गदर्शन में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) द्वारा नवीन शैक्षणिक सत्र के सफल संचालन के लिए व्यापक और प्रभावी कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत जिलेभर के शिक्षकों, बीआरसी और जन शिक्षकों का योजनाबद्ध उन्मुखीकरण कर शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
सुश्री कौर ने कहा है कि बच्चों का बेहतर भविष्य गढ़ने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षकों का प्राथमिक दायित्व कक्षाओं में नियमित रूप से अध्यापन करना, विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करना तथा उन्हें सीखने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
स्कूलों में पढ़ाई बनेगी पहली प्राथमिकता
डाइट के प्रशिक्षण प्रभारी एवं वरिष्ठ व्याख्याता राजेन्द्र असाटी ने बताया कि डाइट स्तर पर सभी बीआरसी एवं जन शिक्षकों तथा जन शिक्षा केंद्र स्तर पर कक्षा आठवीं तक के शिक्षकों का उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को अधिक प्रभावी, परिणामोन्मुख और नवाचार आधारित बनाना रहा।
उन्मुखीकरण में शिक्षकों को विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने, योजना आधारित अध्यापन, सटीक मूल्यांकन, समयबद्ध फीडबैक, शिक्षण सामग्री निर्माण, पुस्तकालय संस्कृति विकसित करने और तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।
QR कोड, स्मार्ट बोर्ड और टैब से होगी आधुनिक पढ़ाई
बैठक में विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया। शिक्षकों को QR कोड आधारित अध्ययन सामग्री, स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से शिक्षण, ई-मटेरियल के उपयोग तथा टैब आधारित अध्ययन-अध्यापन को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए।
जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरी एवं डाइट प्राचार्य एम.पी. डुंगडुंग ने सभी विद्यालयों में QR कोड पोस्टर प्रदर्शित करने तथा डिजिटल संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
पुस्तकालय, प्रयोगशाला और एफएलएन पर विशेष फोकस
उन्मुखीकरण कार्यक्रम में समृद्ध विद्यालय वातावरण, पुस्तकालयों के माध्यम से पढ़ने की संस्कृति विकसित करना, प्रयोगशालाओं में गतिविधि आधारित शिक्षण, एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) के प्रभावी क्रियान्वयन, अभ्यास पुस्तिकाओं के बेहतर उपयोग तथा विद्यार्थियों में स्वयं सीखने की क्षमता विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
साथ ही नामांकन, छात्र मैपिंग, ई-अटेंडेंस, शालेय अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव, ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की समयसीमा में पूर्णता और नवाचार करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने जैसे विषयों को भी प्राथमिकता दी गई।
कलेक्टर का स्पष्ट संदेश— पहले पढ़ाई, फिर बाकी कार्य
उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर आशीष तिवारी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। अन्य सभी योजनाएं और व्यवस्थाएं केवल अकादमिक कार्यों को बेहतर बनाने के लिए हैं। इसी के अनुरूप शिक्षकों को विशेष परिस्थितियों को छोड़कर नियमित कक्षा संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
टीम वर्क से हासिल होंगे लक्ष्य
उन्मुखीकरण कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्रभारी राजेन्द्र असाटी, डाइट फैकल्टी ज्योति श्रीवास्तव, राकेश सिननरकर, उमाशंकर सैनी, बीआरसी प्रशांत मिश्रा, चेतराम मरकाम, प्रेम कोरी एवं मनोज गौतम सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने सहभागिता की। सभी ने टीम वर्क के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों को समयसीमा में पूरा करने का संकल्प लिया।



