ग्रामीण विकास की योजनाओं की होगी बड़ी समीक्षा ग्रामीण विकास की योजनाओं पर सीईओ की सीधी नजर! 13 अक्टूबर को होगी विभागों की बड़ी समीक्षा विद्युत से लेकर पीएचई, शिक्षा, श्रम, डीएमएफ और ग्रामीण यांत्रिकी तक के कामों का होगा विभागवार आकलन
कलयुग की कलम से राकेश यादव

ग्रामीण विकास की योजनाओं की होगी बड़ी समीक्षा ग्रामीण विकास की योजनाओं पर सीईओ की सीधी नजर! 13 अक्टूबर को होगी विभागों की बड़ी समीक्षा विद्युत से लेकर पीएचई, शिक्षा, श्रम, डीएमएफ और ग्रामीण यांत्रिकी तक के कामों का होगा विभागवार आकलन
कलयुग की कलम कटनी – ग्रामीण अंचलों में संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति को लेकर जिला पंचायत स्तर पर अब व्यापक समीक्षा की जाएगी। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर की अध्यक्षता में 13 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित होगी।
बैठक में योजनाओं की वर्तमान प्रगति, निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति, लंबित कार्यों तथा मैदानी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का विभागवार जायजा लिया जाएगा। समीक्षा के दायरे में मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, श्रम, शिक्षा, जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ), ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सहित जनपद पंचायतों में संचालित विभिन्न योजनाएं एवं कार्यक्रम शामिल रहेंगे।
समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की गति बढ़ाने, लंबित कार्यों को समय पर पूरा कराने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर रहेगा। मैदानी स्तर पर योजनाओं के वास्तविक क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने की स्थिति भी समीक्षा का प्रमुख बिंदु होगी।
इन अधिकारियों-कर्मचारियों की रहेगी मौजूदगी
जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित विभागों के अधिकारियों, जिला पंचायत की योजना शाखाओं के प्रभारियों सहित एसडीओ पीएचई, बीआरसी, सहायक यंत्री, उपयंत्री, सुपरवाइजर, एडीईओ, पीसीओ, एपीओ, एएओ (VB-GRAMG), पीएमएवाई, एसबीएम/वाटरशेड के विकासखंड समन्वयकों तथा एनआरएलएम के ब्लॉक मैनेजरों को निर्धारित एजेंडा एवं आवश्यक जानकारी के साथ बैठक में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
बैठक का उद्देश्य ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की वास्तविक स्थिति सामने लाने के साथ लंबित कार्यों में तेजी लाना और ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध लाभ सुनिश्चित करना है।



