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सड़क दुर्घटना अधिवक्ता प्रशांत मिश्रा की दमदार पैरवी से पीड़ित को मिला न्याय,एक पैर गंवाने वाले ट्रक चालक को 62.66 लाख रुपये का मुआवजा, बीमा कंपनी की दलीलें कोर्ट ने कीं खारिज

कलयुग की कलम से राकेश यादव

सड़क दुर्घटना अधिवक्ता प्रशांत मिश्रा की दमदार पैरवी से पीड़ित को मिला न्याय,एक पैर गंवाने वाले ट्रक चालक को 62.66 लाख रुपये का मुआवजा, बीमा कंपनी की दलीलें कोर्ट ने कीं खारिज

जबलपुर/कटनी/मध्य प्रदेश

 कलयुग की कलम उमरिया पान – सड़क दुर्घटना में अपना एक पैर गंवाने वाले कटनी जिले के उमरियापान थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पचपेढ़ी निवासी ट्रक चालक अनिल मेहरा को न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, जबलपुर ने मामले की सुनवाई के बाद पीड़ित के पक्ष में 62 लाख 66 हजार 683 रुपये का मुआवजा (अवार्ड) पारित किया है। इस प्रकरण में पीड़ित की ओर से अधिवक्ता प्रशांत मिश्रा एवं बालकिशन चौधरी ने प्रभावी पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष मजबूत दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए।

प्रकरण की जानकारी देते हुए अधिवक्ता प्रशांत मिश्रा एवं बालकिशन चौधरी ने बताया कि 21 जुलाई 2022 की रात लगभग 8 बजे अनिल मेहरा ट्रक क्रमांक CG-09-E-1645 से जबलपुर से दुर्ग (छत्तीसगढ़) की ओर जा रहे थे। मंडला जिले के गाजीपुर बायपास स्थित भारत पेट्रोल पंप के समीप पीछे से आ रहे ट्राला क्रमांक CG-09-HE-3244 के चालक ने तेज गति और लापरवाही से ओवरटेक कर अचानक वाहन सामने रोक दिया। इससे अनिल का ट्रक ट्राले से टकरा गया और वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

दुर्घटना के बाद उन्हें पहले जिला अस्पताल मंडला और फिर गंभीर हालत में जबलपुर रेफर किया गया। जामदार अस्पताल में उपचार के दौरान उनका दाहिना पैर जांघ के नीचे से काटना पड़ा, जबकि बायां पैर भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। बाद में उन्होंने अन्य अस्पतालों में भी लंबा उपचार कराया। इस दुर्घटना के कारण वे स्थायी रूप से दिव्यांग हो गए और आजीविका कमाने की क्षमता भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई।

बीमा कंपनी की दलीलें नहीं हुईं स्वीकार

सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने यह तर्क दिया कि दुर्घटना ट्रक के ब्रेक फेल होने से हुई थी तथा बाद में क्षतिपूर्ति प्राप्त करने के उद्देश्य से संबंधित ट्राले को मामले में शामिल किया गया। कंपनी ने प्राथमिकी दर्ज होने में विलंब का भी हवाला देते हुए स्वयं को उत्तरदायित्व से मुक्त करने का प्रयास किया।

हालांकि, पीड़ित पक्ष के अधिवक्ताओं ने न्यायालय के समक्ष घटनाक्रम से जुड़े दस्तावेजी प्रमाण एवं अन्य साक्ष्य प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए। सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, तीसवां अपर जिला न्यायाधीश श्री बृजेश सिंह, जबलपुर ने बीमा कंपनी की आपत्तियों को अस्वीकार करते हुए पीड़ित अनिल मेहरा के पक्ष में 62,66,683 रुपये का मुआवजा देने का आदेश पारित किया।

यह निर्णय न केवल दुर्घटना पीड़ित को न्याय दिलाने वाला साबित हुआ, बल्कि प्रभावी विधिक पैरवी का भी महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया। इस मामले में अधिवक्ता प्रशांत मिश्रा एवं बालकिशन चौधरी ने पीड़ित की ओर से पैरवी की।

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