जनसुनवाई में गूंजा 73 फरियादियों का दर्द, कलेक्टर ने सुनी हर बात,अधिकारियों को दो टूक निर्देश—आवेदनों की जांच कर समय-सीमा में हो गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण
कलयुग की कलम से राकेश यादव

जनसुनवाई में गूंजा 73 फरियादियों का दर्द, कलेक्टर ने सुनी हर बात,अधिकारियों को दो टूक निर्देश—आवेदनों की जांच कर समय-सीमा में हो गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण
कलयुग की कलम कटनी – कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे 73 आवेदकों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदक की बात गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों का तथ्यात्मक परीक्षण कर नियमानुसार समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर, अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्रा, एसडीएम कटनी श्री जितेन्द्र पटेल, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रमोद चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे।
श्मशान भूमि से बिजली बिल तक पहुंचीं शिकायतें
जनसुनवाई में ग्राम पौंसरा के ग्रामीणों ने शासकीय श्मशान भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत रखी। ढीमरखेड़ा तहसील निवासी गुलबहार ने खपत से अधिक बिजली बिल आने की समस्या बताई। झर्रा टिकुरिया निवासी सोनिया वंशकार ने जन्म प्रमाण-पत्र, डिठवारा निवासी अमित विश्वकर्मा ने रिकॉर्ड सुधार तथा तिगवा निवासी दिव्यांग आवेदक रामसनेह लोधी ने आर्थिक सहायता एवं शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।
इसी तरह ग्राम पड़रिया निवासी नंदनी ठाकुर ने अनुकंपा नियुक्ति, ग्राम कांटी निवासी दद्दी चौधरी ने पीएम किसान योजना की राशि नहीं मिलने तथा आधारकाप कटनी निवासी जयश्री शर्मा ने कैंसर पीड़ित पति के उपचार के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाने संबंधी समस्या कलेक्टर के समक्ष रखी।
‘सिर्फ आवेदन दर्ज नहीं, समाधान भी दिखना चाहिए’
कलेक्टर श्री तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदन केवल पंजीबद्ध होकर फाइलों में सीमित न रहें। प्रत्येक प्रकरण का न्यायसंगत और स्थायी समाधान निकालने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि नागरिकों को अपनी समस्या लेकर बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने विभागवार लंबित मामलों की नियमित समीक्षा और जनसुनवाई के आवेदनों की लगातार मॉनिटरिंग करने पर जोर दिया। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को तकनीकी अथवा प्रक्रियागत अड़चनों के कारण अनावश्यक परेशानी न हो और उन्हें समय पर योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन का फोकस—समस्या सुने भी, समाधान करे भी
कलेक्टर ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ नागरिकों की समस्याओं पर कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि समस्या के प्रभावी समाधान तक प्रशासनिक कार्रवाई को पहुंचाना है।



