गांवों में नल-जल योजनाओं की अब होगी सख्त निगरानी,वृहद मरम्मत, रख-रखाव और पाइपलाइन विस्तार में गुणवत्ता पर जोर; जिला वॉश तकनीकी समिति की बैठक में सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
कलयुग की कलम से राकेश यादव

गांवों में नल-जल योजनाओं की अब होगी सख्त निगरानी,वृहद मरम्मत, रख-रखाव और पाइपलाइन विस्तार में गुणवत्ता पर जोर; जिला वॉश तकनीकी समिति की बैठक में सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
कलयुग की कलम कटनी– ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित नल-जल योजनाओं को सुचारु और प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला वॉश (Water, Sanitation & Hygiene) तकनीकी समिति की बैठक आयोजित की गई। जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में समिति के सचिव एवं सदस्यों के साथ संबंधित विभागों के अधिकारियों ने योजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में ग्रामीण नल-जल योजनाओं के वृहद मरम्मत कार्य, नियमित रख-रखाव, जल स्रोतों से जुड़े कार्य तथा पाइपलाइन विस्तार को प्रमुखता से लिया गया। जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यक कार्यों को शासन की मंशा के अनुरूप नियमानुसार आगे बढ़ाया जाए और निविदा प्रक्रिया में पात्र आवेदकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अवसर मिले।
मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं
सुश्री कौर ने कहा कि ग्रामीण नल-जल योजनाओं की मरम्मत और रख-रखाव के कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जनपद स्तर पर वृहद मरम्मत कार्यों के लिए एजेंसियों को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत सूचीबद्ध करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि जिन स्थानों पर मरम्मत, रख-रखाव अथवा पाइपलाइन विस्तार की आवश्यकता है, वहां प्राथमिकता के आधार पर तत्परता से कार्रवाई की जाए, ताकि ग्रामीणों को पेयजल उपलब्धता में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
विभागीय अधिकारियों ने लिया हिस्सा
बैठक में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की कार्यपालन यंत्री एवं सदस्य सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री, जल निगम के महाप्रबंधक, उप महाप्रबंधक, परियोजना अधिकारी, व्हीबी-जी राम जी के लेखा अधिकारी तथा जिला वॉश प्रभारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान ग्रामीण नल-जल योजनाओं की वर्तमान प्रगति की समीक्षा के साथ आवश्यक सुधारात्मक कार्यों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को योजनाओं से जुड़े कार्यों में नियमों का पालन, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।



