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अपराध नियंत्रण में ढीमरखेड़ा थाना बना मिसाल: सबसे कम पेंडेंसी सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समय पर निराकरण पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी अभिषेक चौबे को किया सम्मानित

कलयुग की कलम से राकेश यादव

अपराध नियंत्रण में ढीमरखेड़ा थाना बना मिसाल: सबसे कम पेंडेंसी सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समय पर निराकरण पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी अभिषेक चौबे को किया सम्मानित

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा -कटनी जिले के ढीमरखेड़ा थाना ने वर्ष 2025 में अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण एवं जन शिकायतों के प्रभावी समाधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर पूरे जिले में अपनी अलग पहचान बनाई है। लंबित अपराधों के सफल निराकरण के परिणामस्वरूप थाना ढीमरखेड़ा ने मात्र 0.89 प्रतिशत पेंडेंसी दर्ज की, जो जिले में सबसे कम रही। इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर थाना प्रभारी अभिषेक चौबे को पुलिस अधीक्षक श्री विश्वकर्मा द्वारा कैश रिवार्ड एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

सम्मान समारोह में पुलिस अधीक्षक अभिनय वश्वकर्मा ने थाना प्रभारी अभिषेक चौबे के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि टीमवर्क, सतत निगरानी और कर्तव्यनिष्ठ पुलिसिंग का परिणाम है। उन्होंने न केवल पुराने लंबित अपराधों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कराया, बल्कि नवीन अपराधों पर भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई और आमजन में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा।

थाना ढीमरखेड़ा को सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के संतोषजनक एवं समयबद्ध निराकरण के लिए भी पुलिस अधीक्षक द्वारा  सम्मानित किया गया। नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस द्वारा त्वरित संवाद, मौके पर पहुंचकर जांच, तथा निष्पक्ष कार्रवाई की गई, जिसका सकारात्मक असर शिकायत निराकरण की गुणवत्ता पर साफ दिखाई दिया।

वर्ष 2025 के दौरान ढीमरखेड़ा पुलिस ने अपराधियों पर सख्त कार्रवाई, अवैध गतिविधियों पर अंकुश, रात्रि गश्त में बढ़ोतरी, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, तथा जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस–जन सहयोग को सुदृढ़ किया। महिला सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने में भी थाना पुलिस की भूमिका सराहनीय रही।

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