निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम: अब एक ही दुकान से किताब-यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव नहीं!
कलयुग की कलम से राकेश यादव

निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम: अब एक ही दुकान से किताब-यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव नहीं!
कलयुग की कलम कटनी – नए शैक्षणिक सत्र से पहले जिला प्रशासन ने निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने कहा है कि जिले का कोई भी निजी विद्यालय विद्यार्थियों या अभिभावकों को किसी एक तय दुकान से किताबें, यूनिफॉर्म, बैग, जूते या अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा।
कलेक्टर ने साफ किया कि अभिभावक अपनी सुविधा और पसंद के अनुसार खुले बाजार से सामग्री खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं। यदि किसी भी स्कूल या विक्रेता द्वारा दबाव बनाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा मंडल, सीबीएसई और आईसीएसई से जुड़े सभी निजी स्कूल संचालकों को जारी निर्देशों में बताया गया है कि मध्य प्रदेश निजी विद्यालय (फीस एवं संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम-2017 एवं नियम 2020 के तहत ऐसा करना पूर्णतः प्रतिबंधित है।
एनसीईआरटी पुस्तकों का उपयोग अनिवार्य
निर्देशों के अनुसार कक्षा 1 से 12 तक एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों का उपयोग सुनिश्चित करना होगा।
स्कूलों के लिए जरूरी निर्देश
प्रत्येक विद्यालय को पुस्तक सूची और शुल्क विवरण सूचना पटल पर प्रदर्शित करना होगा। साथ ही यूनिफॉर्म और किताबों के लिए कम से कम 5 दुकानों के नाम देना अनिवार्य रहेगा। सामग्री उचित और वाजिब दर पर उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित करना होगा।
कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि नियमों के उल्लंघन पर संबंधित विद्यालय प्रबंधन या विक्रेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन इस व्यवस्था की लगातार निगरानी करेगा, ताकि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।



