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लक्ष्‍य से कम राजस्‍व वसूली पर जबलपुर कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना का दिखा सख्त रुख, 10 तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी, संतोषजनक जवाब न मिलने पर दो वेतन वृद्धि रोकने की चेतावनी

कलयुग की कलम से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

जबलपुर- वित्‍तीय वर्ष 2024-25 में लक्ष्‍य से कम राजस्‍व वसूली के लिए कलेक्‍टर दीपक सक्‍सेना ने जिले के दस तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर स्‍पष्‍टीकरण तलब किया है। श्री सक्‍सेना ने नोटिस का तय समयावधि में और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में एक पक्षीय कार्यवाही कर असंचयी प्रभाव से दो-दो वेतन वृद्धि रोकने की चेतावनी तहसीलदारों को दी है।

कलेक्‍टर श्री सक्‍सेना द्वारा लक्ष्‍य से कम राजस्‍व वसूली के लिए जिन तहसीलदारों से स्‍पष्‍टीकरण तलब किया गया है उनमें तहलीदार जबलपुर ग्रामीण श्रीमती नीलिमा राजलवाल, तहसीलदार आधारताल सुश्री जानकी उइके, प्रभारी तहसीलदार रांझी राजीव मिश्रा, प्रभारी तहसीलदार गोरखपुर भरत कुमार सोनी, प्रभारी तहसीलदार सिहोरा शशांक दुबे, तहसीलदार मझौली वीर बहादुर सिंह, प्रभारी तहसीलदार शहपुरा रविन्‍द्र कुमार पटेल, तहसीलदार पाटन दिलीप हनवत, तहसीलदार पनागर विकास चंद्र जैन, और प्रभारी तहसीलदार कुंडम दीपक पटेल शामिल है।

कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि लगातार समीक्षा के बावजूद भी लक्ष्‍य के मुताबिक राजस्‍व वसूली नहीं किया जाना तहसीलदारों की उदासीनता का द्योतक है और यह वरिष्‍ठ अधिकारियों के आदेशों का उल्‍लंघन भी है। नोटिस में तहसीलदारों से कहा गया है कि इस कृत्‍य के लिए क्‍यों न उनके विरूद्ध मध्‍यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के प्रावधानों के तहत आगामी दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी जाने हेतु प्रस्‍ताव वरिष्‍ठ अधिकारी को भेजा जाये। कलेक्‍टर श्री सक्‍सेना ने इन तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस का जवाब 24 घंटे के भीतर लक्ष्‍य के विरूद्ध उपलब्‍धियों सहित समक्ष में उपस्थित होकर प्रस्‍तुत करने के निर्देश दिये हैं।

ज्ञात हो कि जबलपुर (ग्रामीण) तहसील में वित्‍तीय वर्ष 2024-25 के लिए 9 करोड़ रूपये की राजस्‍व वसूली का लक्ष्‍य रखा गया था। इसके विरूद्ध अभी तक मात्र 18.69 प्रतिशत राजस्‍व की वसूली ही हो सकी है। इसी प्रकार आधारताल तहसील में 11 करोड़ के लक्ष्‍य के विरूद्ध मात्र 11.14 प्रतिशत, तहसील गोरखपुर में 10 करोड़ के विरूद्ध 40.09 प्रतिशत, तहसील रांझी में 15 करोड़ के विरूद्ध मात्र 13.98 प्रतिशत, तहसील सिहोरा में 4 करोड़ 50 लाख के विरूद्ध मात्र 12.23 प्रतिशत, तहसील मंझौली में 2 करोड़ के विरूद्ध मात्र 15.36 प्रतिशत, तहसील शहपुरा में 5 करोड़ के विरूद्ध मात्र 13.61 प्रतिशत, तहसील पाटन में 3 करोड़ 50 लाख के विरूद्ध मात्र 10.96 प्रतिशत, तहसील पनागर में 4 करोड़ के विरूद्ध 34.09 प्रतिशत तथा तहसील कुंडम में 1 करोड़ रूपये के लक्ष्‍य के विरूद्ध मात्र 16.75 प्रतिशत ही राजस्‍व वसूली की जा सकी है।

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