प्रशासनमध्यप्रदेश

गेहूं खरीदी तो पूरी, भुगतान अटका: परिवहन में देरी से ढीमरखेड़ा के किसान आर्थिक संकट में

कलयुग की कलम से राकेश यादव

गेहूं खरीदी तो पूरी, भुगतान अटका: परिवहन में देरी से ढीमरखेड़ा के किसान आर्थिक संकट में

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – विकासखंड ढीमरखेड़ा के विभिन्न गेहूं उपार्जन केंद्रों पर खरीदी का कार्य जारी है, लेकिन समय पर परिवहन नहीं होने से किसानों का भुगतान अटक गया है। स्लॉट बुक होने और उपज तौल जाने के बावजूद राशि खातों में नहीं पहुंच रही, जिससे किसानों की आर्थिक परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।

क्षेत्र के किसानों का कहना है कि शासन द्वारा ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है और निर्धारित तिथि पर किसान अपनी उपज केंद्रों तक पहुंचा भी रहे हैं। कई केंद्रों पर गेहूं की तुलाई के बाद बड़ी मात्रा में स्टॉक जमा है, लेकिन परिवहन व्यवस्था सुचारु नहीं होने के कारण उठाव में देरी हो रही है। इसका सीधा असर भुगतान प्रक्रिया पर पड़ रहा है।

किसानों के अनुसार, खरीदी के बाद समय पर भुगतान नहीं मिलने से घरेलू और कृषि संबंधी आवश्यकताएं प्रभावित हो रही हैं। किसी परिवार में विवाह जैसे महत्वपूर्ण आयोजन हैं, तो कई किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक दवाइयों और अन्य कृषि सामग्री की खरीद करनी है। इसके अलावा उधारी चुकाने, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक खर्चों के लिए भी किसान इसी राशि पर निर्भर हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि गेहूं उपार्जन की पूरी प्रक्रिया तभी सार्थक मानी जाएगी, जब खरीदी के साथ-साथ परिवहन और भुगतान भी समयबद्ध तरीके से हो। यदि तुलाई के बाद किसान को अपनी मेहनत की कमाई के लिए लंबा इंतजार करना पड़े, तो व्यवस्था पर भरोसा कमजोर पड़ता है।

किसानों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि उपार्जन केंद्रों पर तत्काल पर्याप्त परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि संग्रहित गेहूं का शीघ्र उठाव हो सके और भुगतान प्रक्रिया में तेजी आए। उनका कहना है कि समय पर राशि मिलने से वे अपनी पारिवारिक और कृषि संबंधी जिम्मेदारियों को बिना अतिरिक्त आर्थिक दबाव के पूरा कर सकेंगे।

Related Articles

Back to top button