प्रशासनमध्यप्रदेश

ग्रामीण रोजगार का नया भरोसा: ‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना से मिलेगा 125 दिन रोजगार, पारदर्शिता और अधिकारों की गारंटी,जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने जनपद अधिकारियों को दिए प्रभावी क्रियान्वयन के मंत्र, कहा— जागरूक पंचायत ही बनेगी विकसित भारत की मजबूत नींव

कलयुग की कलम से राकेश यादव

ग्रामीण रोजगार का नया भरोसा: ‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना से मिलेगा 125 दिन रोजगार, पारदर्शिता और अधिकारों की गारंटी,जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने जनपद अधिकारियों को दिए प्रभावी क्रियान्वयन के मंत्र, कहा— जागरूक पंचायत ही बनेगी विकसित भारत की मजबूत नींव

कलयुग की कलम कटनी – ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभाकक्ष में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) – VB-G RAM G योजना पर प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई। जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर की अध्यक्षता में हुई इस कार्यशाला में जनपद पंचायतों के अधिकारियों एवं तकनीकी अमले को योजना के प्रावधानों, अधिकारों और क्रियान्वयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यशाला में सीईओ सुश्री कौर ने कहा कि 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू यह योजना ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों एवं तकनीकी अमले से योजना के संचालन को लेकर फीडबैक लिया और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र ग्रामीणों को वर्ष में 125 दिन के रोजगार की गारंटी, समय पर रोजगार उपलब्ध न होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता, मजदूरी भुगतान में देरी होने पर मुआवजा एवं क्षतिपूर्ति, तथा न्यूनतम 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी का प्रावधान किया गया है। श्रमिकों की मजदूरी सीधे उनके बैंक खातों में साप्ताहिक आधार पर जमा की जाएगी, जिससे भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।

कार्यशाला में परियोजना अधिकारी ऋषिराज चढ़ार ने योजना के चार प्रमुख विषयगत स्तंभों— जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आर्थिक परिसंपत्तियों का निर्माण और आपदा न्यूनीकरण— पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के साथ-साथ रोजगार के स्थायी अवसर भी सृजित किए जाएंगे।

उन्होंने योजना के अंतर्गत ग्रामीण नागरिकों को मिलने वाले अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें समय पर रोजगार, समय पर मजदूरी भुगतान, समान कार्य के लिए समान मजदूरी, सुरक्षित कार्यस्थल, सामाजिक अंकेक्षण, जनसुनवाई, शिकायत निवारण तथा सूचना एवं पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। इन अधिकारों का उद्देश्य ग्रामीण श्रमिकों को सम्मानजनक रोजगार और बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है।

कार्यशाला में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुराग मोदी, प्रभारी कार्यपालन यंत्री मेघा मौर्य, परियोजना अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, सहायक परियोजना अधिकारी विजयलक्ष्मी मरावी, मृगेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी योगेंद्र कुमार असाटी सहित सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तकनीकी अधिकारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

जागरूक ग्राम, जागरूक श्रमिक और पारदर्शी पंचायत की अवधारणा को केंद्र में रखते हुए आयोजित इस कार्यशाला में अधिकारियों से योजना का लाभ प्रत्येक पात्र ग्रामीण तक पहुंचाने और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मिशन मोड में कार्य करने का आह्वान किया गया।

Related Articles

Back to top button