एक पेड़ मां के नाम” से हरियाली का संदेश: कलेक्टर श्री तिवारी ने लगाया आम का पौधा,विश्व पर्यावरण दिवस पर बहोरीबंद से शुरू हुआ जनभागीदारी का अभियान, जिलेवासियों से पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण का आह्वाहन
कलयुग की कलम से राकेश यादव

“एक पेड़ मां के नाम” से हरियाली का संदेश: कलेक्टर श्री तिवारी ने लगाया आम का पौधा,विश्व पर्यावरण दिवस पर बहोरीबंद से शुरू हुआ जनभागीदारी का अभियान, जिलेवासियों से पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण का आह्वाहन
कलयुग की कलम बहोरीबंद – विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिले में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश देते हुए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने बहोरीबंद एसडीएम कार्यालय परिसर में आम का पौधा रोपकर “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जिलेवासियों से अधिकाधिक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने नागरिकों, शैक्षणिक संस्थाओं, उद्योगों, स्व-सहायता समूहों, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों और सामाजिक संगठनों से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
पौधारोपण कार्यक्रम में एसडीएम बहोरीबंद श्री प्रदीप कुमार मिश्रा, तहसीलदार श्री आशीष अग्रवाल, जनपद पंचायत सीईओ श्री अभिषेक सिंह, परियोजना अधिकारी श्री सतीश पटेल सहित पटवारी और कोटवार भी शामिल हुए। सभी ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
कलेक्टर ने रोपे गए पौधों की जियो-टैगिंग कर उनका पंजीयन ‘मेरी लाइफ’ पोर्टल पर कराने तथा पोर्टल के माध्यम से पौधों की निगरानी एवं संरक्षण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में प्रारंभ हुआ “एक पेड़ मां के नाम” अभियान इस वर्ष 5 जून से 30 सितंबर 2026 तक जिलेभर में व्यापक जनसहभागिता के साथ संचालित किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा जनआंदोलन का स्वरूप
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिलेभर में पर्यावरण जागरूकता से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें संगोष्ठियां, जागरूकता रैलियां, चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिताएं, स्वच्छता अभियान, पौधारोपण कार्यक्रम तथा पर्यावरण संरक्षण की शपथ शामिल हैं। विद्यालयों, महाविद्यालयों, एनएसएस, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र और स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
इस वर्ष का आयोजन संयुक्त राष्ट्र की थीम ‘प्रकृति से प्रेरित—जलवायु और भविष्य के लिए’ तथा राष्ट्रीय संदेश ‘अब जलवायु के लिए’ पर केंद्रित है। कार्यक्रमों में जलवायु परिवर्तन, जैव-विविधता संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।
‘एक पेड़ – अनेक जीवन’ का संदेश पहुंचेगा घर-घर
जिला प्रशासन द्वारा ‘एक पेड़ – अनेक जीवन’ और ‘प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए हमारा भविष्य’ विषयों पर विशेष गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य हरित वातावरण का निर्माण, प्लास्टिक-मुक्त समाज, जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है, ताकि पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
“एक पौधा केवल पेड़ नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य का संकल्प है”



