4 अगस्त को होगी पंचायत योजनाओं की बड़ी समीक्षा, सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर लेंगी विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही,पीएम आवास, मनरेगा, 15वें वित्त आयोग, आजीविका मिशन, सीएम हेल्पलाइन सहित कई योजनाओं की होगी बिंदुवार समीक्षा
कलयुग की कलम से राकेश यादव

4 अगस्त को होगी पंचायत योजनाओं की बड़ी समीक्षा, सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर लेंगी विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही,पीएम आवास, मनरेगा, 15वें वित्त आयोग, आजीविका मिशन, सीएम हेल्पलाइन सहित कई योजनाओं की होगी बिंदुवार समीक्षा
कलयुग की कलम कटनी – जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति और क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए मंगलवार 4 अगस्त को जिला पंचायत सभाकक्ष में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरनप्रीत कौर करेंगी। बैठक दोपहर 3 बजे से प्रारंभ होगी, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी अद्यतन जानकारी के साथ उपस्थित रहेंगे।
बैठक में ग्रामीण विकास से जुड़ी प्रमुख योजनाओं और विभागीय कार्यों की विस्तार से समीक्षा की जाएगी। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा, 15वें वित्त आयोग के कार्य, मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम (एमडीएम), महिला एवं बाल विकास, श्रम विभाग, विद्युत विभाग, पंचायत निर्माण कार्य, विधि शाखा तथा सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के संतोषजनक निराकरण की बिंदुवार समीक्षा की जाएगी।
जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने अधीक्षण अभियंता मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, जिला श्रम अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के कार्यपालन यंत्री तथा जिले की सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्धारित एजेंडे के अनुरूप अद्यतन जानकारी के साथ समय पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा जिला पंचायत के सभी शाखा प्रभारी अधिकारी, सभी सीडीपीओ, जनपद शिक्षा केंद्रों के विकासखंड स्रोत समन्वयक, सहायक यंत्री, उपयंत्री, एपीओ, एएओ (मनरेगा), पीएम आवास योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन के विकासखंड समन्वयक तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के ब्लॉक मैनेजरों को भी आवश्यक अभिलेखों एवं प्रगति प्रतिवेदन सहित बैठक में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक का उद्देश्य विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर लंबित कार्यों में तेजी लाना, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।



