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गेहूं खरीदी में ढीमरखेड़ा नंबर वन: 23,477 किसानों से 95 हजार मीट्रिक टन से अधिक उपार्जन,समर्थन मूल्य पर खरीदी तेज, किसानों के खातों में पहुंचे 63.98 करोड़ रुपये

कलयुग की कलम से राकेश यादव

गेहूं खरीदी में ढीमरखेड़ा नंबर वन: 23,477 किसानों से 95 हजार मीट्रिक टन से अधिक उपार्जन,समर्थन मूल्य पर खरीदी तेज, किसानों के खातों में पहुंचे 63.98 करोड़ रुपये

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी लगातार गति पकड़ रही है। 8 मई तक जिले के 23,477 किसानों से कुल 95,696 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। खरीदी के एवज में किसानों के बैंक खातों में अब तक 63 करोड़ 98 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। प्रशासन ने शेष भुगतान भी शीघ्र कराने के निर्देश दिए हैं।

स्लॉट बुकिंग में भी किसानों की सक्रिय भागीदारी

जिले में अब तक 41,057 किसानों ने अपनी उपज बेचने के लिए स्लॉट बुक कराए हैं। खरीदी केंद्रों पर किसानों की सुविधा और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

गेहूं उपार्जन में ढीमरखेड़ा तहसील अग्रणी

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में ढीमरखेड़ा तहसील जिले में सबसे आगे है। यहां 6,041 किसानों से 20,761 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है।

इसके बाद:विजयराघवगढ़ – 3,336 किसानों से 15,137 मीट्रिक टन बहोरीबंद – 3,045 किसानों से 14,237 मीट्रिक टन स्लीमनाबाद – 2,250 किसानों से 10,492 मीट्रिक टन बड़वारा – 2,761 किसानों से 9,333 मीट्रिक टन रीठी – 2,075 किसानों से 8,672 मीट्रिक टन बरही – 1,980 किसानों से 8,655 मीट्रिक टन कटनी नगर एवं ग्रामीण – 1,989 किसानों से 8,409 मीट्रिक टन

खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए पूरी व्यवस्था

प्रशासन की ओर से सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए छायादार बैठने की व्यवस्था, पेयजल, बारदाना, तौल कांटे, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ-सफाई के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।

समर्थन मूल्य के साथ बोनस का लाभ

इस वर्ष किसानों से गेहूं की खरीदी 2,625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। इसमें केंद्र सरकार का समर्थन मूल्य 2,585 रुपये और राज्य सरकार का 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस शामिल है।

साफ-सुथरा गेहूं लाने की अपील

किसानों से आग्रह किया गया है कि वे खरीदी केंद्रों पर साफ और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप गेहूं लेकर आएं, ताकि तौल और भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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