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जेठ की तपिश में मैदान पर उतरे कलेक्टर: गेहूं खरीदी केंद्रों पर सख्त चेतावनी, बोले— किसानों के हितों से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त,उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण, किसानों से सीधा संवाद कर जानी समस्याएं,अस्पताल, खेत तालाब, आंगनवाड़ी और जल संरक्षण कार्यों का भी लिया जायजा

कलयुग की कलम से राकेश यादव

जेठ की तपिश में मैदान पर उतरे कलेक्टर: गेहूं खरीदी केंद्रों पर सख्त चेतावनी, बोले— किसानों के हितों से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त,उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण, किसानों से सीधा संवाद कर जानी समस्याएं,अस्पताल, खेत तालाब, आंगनवाड़ी और जल संरक्षण कार्यों का भी लिया जायजा

कलयुग की कलम कटनी — जिले में समर्थन मूल्य पर जारी गेहूं उपार्जन कार्य के बीच कलेक्टर श्री आशीष तिवारी गुरुवार को अचानक विजयराघवगढ़ और बरही क्षेत्र के उपार्जन केंद्रों पर पहुंच गए। तेज गर्मी और उमस के बीच उन्होंने देवराकला, कारीतलाई, सिनगौड़ी तथा बरही मंडी स्थित चना-मसूर खरीदी केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि किसानों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

कलेक्टर ने खरीदी केंद्रों पर तौल व्यवस्था, बारदाना, भंडारण, परिवहन और भुगतान प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा पारदर्शिता के साथ तय मानकों के अनुरूप खरीदी सुनिश्चित की जाए।

देवराकला केंद्र में गेहूं बेचने पहुंचे किसानों अंकित एवं बद्री प्रसाद तिवारी से चर्चा करते हुए कलेक्टर ने खेती, उत्पादन और फसल विविधीकरण पर भी बातचीत की। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि पारंपरिक खेती के साथ सब्जी उत्पादन अपनाकर अतिरिक्त आय बढ़ाई जा सकती है। यहां अब तक 16 हजार 281 क्विंटल गेहूं की खरीदी और लगभग 11 हजार 900 क्विंटल गेहूं का परिवहन किया जा चुका है।

कारीतलाई और सिनगौड़ी केंद्रों में गेहूं परिवहन की धीमी गति पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और तत्काल उठाव कराने के निर्देश दिए। बरही मंडी में निरीक्षण के दौरान कुछ किसानों द्वारा तेवड़ा मिश्रित चना लाए जाने पर कलेक्टर ने साफ-सफाई के बाद ही उपार्जन करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान किसानों ने तौल, भुगतान और परिवहन संबंधी समस्याएं भी रखीं। कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन किसानों के साथ खड़ा है और किसी भी समस्या पर सीधे संपर्क किया जा सकता है।

सिविल अस्पताल पहुंचे कलेक्टर, साफ-सफाई और नए वार्ड निर्माण के निर्देश

विजयराघवगढ़ सिविल अस्पताल के औचक निरीक्षण में कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्र, ऑपरेशन थियेटर, आईपीडी, गायनिक वार्ड और स्टोर रूम सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अस्पताल परिसर और ओपीडी में साफ-सफाई बेहतर करने के निर्देश देते हुए उन्होंने अतिरिक्त वार्ड निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों और उनके परिजनों से चर्चा कर उन्होंने दवा, पौष्टिक आहार और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। महिलाओं से बातचीत कर बच्चों के स्वास्थ्य और वजन में सुधार की स्थिति भी पूछी।

खेत तालाब और जल संरक्षण कार्यों का निरीक्षण

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत देवराकलां में किसान चमरू चक्रवर्ती के खेत में निर्मित खेत तालाब का भी कलेक्टर ने निरीक्षण किया। वहीं जिजनौड़ी में श्रमदान से किए जा रहे तालाब गहरीकरण कार्य का अवलोकन कर पौधरोपण और घाट निर्माण के निर्देश दिए।

लापरवाही पर कार्रवाई, जीआरएस दो दिन के लिए अवैतनिक

ग्राम जिजनौड़ी में एक हितग्राही की समग्र आईडी नहीं बनने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। ग्राम रोजगार सहायक आशुतोष तिवारी पर लापरवाही मानते हुए दो दिन अवैतनिक किए जाने के निर्देश जनपद पंचायत सीईओ को दिए।

“एक बगिया मां के नाम” योजना का किया निरीक्षण

सुंदर नगर में स्व-सहायता समूह द्वारा विकसित फलोद्यान और सब्जी वाटिका का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना की। इसके बाद आंगनवाड़ी पहुंचकर बच्चों से पढ़ाई और भोजन के बारे में जानकारी ली। बच्चों की झिझक दूर करने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लगातार संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए।

स्वच्छ सर्वेक्षण और जल परियोजनाओं की समीक्षा

कैमोर नगर पंचायत में तैयार ग्रे-वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर कलेक्टर ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के लिए बेहतर तैयारी पर जोर दिया। इसके साथ ही महानदी क्षेत्र में लगभग 44 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण और समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

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