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भारत का भौगोलिक केंद्र बिंदु करौंदी बनेगा पर्यटन मानचित्र का केंद्र, जिले की 5 प्राचीन बावड़ियों के पुनरुद्धार से चमकेगा कटनी का गौरव

कलयुग की कलम से राकेश यादव

भारत का भौगोलिक केंद्र बिंदु करौंदी बनेगा पर्यटन मानचित्र का केंद्र, जिले की 5 प्राचीन बावड़ियों के पुनरुद्धार से चमकेगा कटनी का गौरव

कलयुग की कलम कटनी – जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजते हुए पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सोमवार को कलेक्टर श्री आशीष तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में भारत के भौगोलिक केंद्र बिंदु करौंदी को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने और जिले की 5 प्राचीन बावड़ियों के पुनरुद्धार के निर्देश दिए गए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत इन बावड़ियों का जीर्णोद्धार कर उनके प्राचीन स्वरूप को पुनर्जीवित किया जाएगा। साथ ही विजयराघवगढ़ के ऐतिहासिक किले के मरम्मत एवं संरक्षण के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

ट्रस्ट गठन से करौंदी को नई पहचान

एसडीएम ढीमरखेड़ा निधि सिंह गोहल ने जानकारी दी कि करौंदी के समग्र विकास के लिए ट्रस्ट गठन की प्रक्रिया जारी है। ट्रस्ट बनने के बाद ग्राम पंचायत के सहयोग से यहां पर्यटन सुविधाओं का विस्तार कर इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की योजना है।

 अतिक्रमण पर सख्ती

कलेक्टर ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा चिन्हित स्थलों पर हो रहे अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए सीमांकन कर तत्काल हटाने के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों से ऐसे स्थलों की सूची शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया।

 इन बावड़ियों का होगा कायाकल्प

जिले की जिन पांच प्राचीन बावड़ियों का चयन हुआ है, उनमें—कटनी शहर की वार्डस्ले स्कूल परिसर स्थित बावड़ी बरगवां रोड स्थित निजी अस्पताल के पास की बावड़ी बड़वारा के विलायतकला ग्राम की बावड़ी बहोरीबंद के बचैया ग्राम की बावड़ी विजयराघवगढ़ के टिकरिया ग्राम की बावड़ी इन सभी स्थलों को संरक्षित कर पर्यटन के लिए विकसित किया जाएगा।

 पांडुलिपियों का डिजिटल संरक्षण

कलेक्टर ने अपील की कि जिले से जुड़ी प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियां यदि किसी व्यक्ति या संस्था के पास हैं, तो उन्हें “ज्ञान भारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण” के तहत डिजिटल रूप में संरक्षित कराया जाए, ताकि यह धरोहर भविष्य की पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंच सके।

 ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

बैठक में पर्यावरणविद निर्भय सिंह ने होम स्टे मॉडल को ग्रामीण पर्यटन का मजबूत आधार बताते हुए प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में 10 होम स्टे संचालित हैं और 9 निर्माणाधीन हैं। यहां विदेशी पर्यटक भी आकर ग्रामीण जीवन, लोक संस्कृति और पारंपरिक खान-पान का अनुभव कर रहे हैं।

 अधिकारियों की रही मौजूदगी

बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, निगमायुक्त तपस्या परिहार, सहायक कलेक्टर श्लोक वाइकर सहित अन्य अधिकारी एवं पर्यटन विभाग, एएसआई और पुरातत्व विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कटनी जिले की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और करौंदी को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की यह पहल आने वाले समय में जिले को नई पहचान और आर्थिक मजबूती देने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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