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नकली खाद माफियाओं पर सरकार का बड़ा प्रहार: सूचना दें, पाएं ₹1000 का इनाम; पहचान रहेगी पूरी तरह गोपनीय

कलयुग की कलम से राकेश यादव

नकली खाद माफियाओं पर सरकार का बड़ा प्रहार: सूचना दें, पाएं ₹1000 का इनाम; पहचान रहेगी पूरी तरह गोपनीय

कलयुग की कलम कटनी – प्रदेश में नकली, मिलावटी और कालाबाजारी वाले उर्वरकों के कारोबार पर लगाम कसने के लिए मध्यप्रदेश शासन ने बड़ा कदम उठाया है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा शुरू की गई “सूचना दाता प्रोत्साहन योजना” के तहत अब उर्वरकों से जुड़ी अवैध गतिविधियों की सूचना देने वाले नागरिकों, किसानों एवं व्यापारियों को ₹1000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। शासन का उद्देश्य अवैध उर्वरक विक्रय, भंडारण, कालाबाजारी तथा नकली और मिलावटी उर्वरकों के निर्माण एवं वितरण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। यह योजना पूरे प्रदेश में 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी।

योजना के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति बिना लाइसेंस उर्वरक विक्रय, निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण, उर्वरकों की कालाबाजारी, नकली एवं मिलावटी उर्वरकों के निर्माण और बिक्री, तथा अनुदानित उर्वरकों के औद्योगिक उपयोग जैसी गतिविधियों की सूचना दे सकता है। शासन ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और किसी भी स्तर पर उसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी।

सूचना देने के लिए सीएम किसान हेल्पलाइन 155253 पर कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक संपर्क किया जा सकता है। सूचना के साथ घटना का स्थान, समय, संबंधित व्यक्ति या संस्था का नाम-पता तथा उपलब्ध साक्ष्य जैसे फोटो, वीडियो या दस्तावेज उपलब्ध कराना आवश्यक होगा। प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए सूचनादाता को अपने बैंक खाते का विवरण भी देना होगा।

प्राप्त सूचना के आधार पर संबंधित जिले के कलेक्टर द्वारा गठित जांच दल, जिसमें उर्वरक निरीक्षक की उपस्थिति अनिवार्य होगी, मौके की जांच कर कार्रवाई करेगा। सूचना सही पाए जाने और जब्ती अथवा दोष सिद्ध होने की स्थिति में संबंधित सूचनादाता को प्रति सूचना ₹1000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि जिला कलेक्टर की स्वीकृति के बाद अधिकतम 30 कार्य दिवस के भीतर सीधे बैंक खाते में जमा कराई जाएगी।

शासन का मानना है कि इस योजना से किसानों को नकली और मिलावटी उर्वरकों से राहत मिलेगी, वहीं अवैध कारोबार में संलिप्त तत्वों पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। सरकार ने किसानों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे कृषि हितों की रक्षा के लिए ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तत्काल हेल्पलाइन पर दें और प्रदेश को नकली उर्वरक मुक्त बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

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