जिला जेल में न्यायपालिका की सख्त निगरानी: बंदियों के अधिकारों और व्यवस्थाओं का हुआ गहन परीक्षण,प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के औचक निरीक्षण में सुरक्षा, स्वच्छता, भोजन, स्वास्थ्य और विधिक सहायता पर विशेष जोर
कलयुग की कलम से राकेश यादव

जिला जेल में न्यायपालिका की सख्त निगरानी: बंदियों के अधिकारों और व्यवस्थाओं का हुआ गहन परीक्षण,प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के औचक निरीक्षण में सुरक्षा, स्वच्छता, भोजन, स्वास्थ्य और विधिक सहायता पर विशेष जोर
कलयुग की कलम कटनी – जिला जेल में बंद कैदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, मानवाधिकारों की सुरक्षा और जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के उद्देश्य से शनिवार को जिला जेल कटनी का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जितेन्द्र कुमार शर्मा तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री जे.पी. चिडार के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
निरीक्षण के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था, पुरुष एवं महिला बैरकों की साफ-सफाई, प्रकाश एवं वेंटिलेशन की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी बैरकों में स्वच्छ वातावरण के साथ पर्याप्त रोशनी और शुद्ध हवा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे बंदियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके।
इसके बाद अधिकारियों ने जेल की रसोई का निरीक्षण कर बंदियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और वितरण व्यवस्था की जांच की। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रत्येक बंदी को पौष्टिक, स्वच्छ और समय पर भोजन उपलब्ध कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान न्यायाधीशों ने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया कि सभी पात्र बंदियों को विधिक सहायता उपलब्ध हो रही है। जिन बंदियों के पास अधिवक्ता नहीं हैं, उनके लिए निःशुल्क शासकीय अधिवक्ता उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
जेल अस्पताल का निरीक्षण करते हुए बीमार बंदियों के उपचार, दवाओं की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई। जेल चिकित्सक को निर्देशित किया गया कि मौसमजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए और जरूरतमंद बंदियों का समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के समापन पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जेल प्रशासन को बंदियों के सुधार एवं पुनर्वास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योग, कौशल विकास, शिक्षा और व्यक्तित्व विकास जैसी गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित किया जाए, ताकि सजा पूरी करने के बाद बंदी समाज की मुख्यधारा से सम्मानपूर्वक जुड़ सकें।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं व्यवहार न्यायाधीश श्रीमती मृणालिनी सिंह, जेल अधीक्षक तथा जिला जेल का अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



