छपरा पंचायत में 13.96 लाख की वित्तीय गड़बड़ी पर बड़ा एक्शन,जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर का सख्त आदेश: सरपंच, सचिव, उपयंत्री और सरपंच पति से होगी वसूली,15 दिन की मोहलत खत्म होते ही धारा 40 और 92 के तहत कार्रवाई की चेतावनी, पंचायत के कामकाज में सरपंच पति की दखलंदाजी पर भी लगाई रोक
कलयुग की कलम से राकेश यादव

छपरा पंचायत में 13.96 लाख की वित्तीय गड़बड़ी पर बड़ा एक्शन,जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर का सख्त आदेश: सरपंच, सचिव, उपयंत्री और सरपंच पति से होगी वसूली,15 दिन की मोहलत खत्म होते ही धारा 40 और 92 के तहत कार्रवाई की चेतावनी, पंचायत के कामकाज में सरपंच पति की दखलंदाजी पर भी लगाई रोक
कलयुग की कलम कटनी – बहोरीबंद जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत छपरा में आर्थिक अनियमितताओं और निर्माण कार्यों में वित्तीय गड़बड़ी सामने आने के बाद जिला पंचायत सीईओ एवं विहित प्राधिकारी हरसिमरनप्रीत कौर ने कड़ा रुख अपनाया है। जांच एवं उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद पंचायत से जुड़े विभिन्न मामलों में कुल 13 लाख 96 हजार 522 रुपये की वसूली निर्धारित की गई है। संबंधितों को यह राशि पंचायत के निर्धारित खाते में 15 दिनों के भीतर जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। राशि जमा नहीं होने की स्थिति में मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 40 एवं 92 के तहत पृथक कार्रवाई की जाएगी।
चुंगी नाका से लेकर निर्माण कार्यों तक गड़बड़ी के आरोप
जनपद पंचायत बहोरीबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के प्रतिवेदन और जांच में ग्राम पंचायत छपरा में कई मामलों में वित्तीय एवं तकनीकी अनियमितताएं सामने आईं। आरोपों के अनुसार, बिना सक्षम अनुमति के चुंगी नाका बैरियर लगाकर वाहनों से वसूली की गई। इसके अलावा हाईस्कूल की बाउंड्रीवॉल, नाली निर्माण तथा बाजार नीलामी से संबंधित कार्यों में भी अनियमितताएं पाई गईं।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप पूर्ण नहीं कराए गए। जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित अभिलेखों और जांच अधिकारियों की रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद समाधानकारक जवाब नहीं मिलने पर वसूली का आदेश जारी किया।
किससे कितनी वसूली?
आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत की सरपंच सुषमा गुप्ता से 4,63,374 रुपये, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव गंगाराम हल्दकार से 3,66,374 रुपये, उपयंत्री सी.बी. चौबे से 3,66,374 रुपये तथा सरपंच पति नीरज कुमार गुप्ता से 2,00,400 रुपये की वसूली निर्धारित की गई है।
इस तरह सभी संबंधितों से कुल 13,96,522 रुपये पंचायत के खाते में जमा कराए जाने हैं।
बाजार नीलामी और निर्माण कार्यों में भी सामने आई गड़बड़ी
जांच में बाजार नीलामी से संबंधित 97 हजार रुपये, हाईस्कूल बाउंड्रीवॉल निर्माण से जुड़े 7 लाख 48 हजार 500 रुपये, नाली निर्माण से संबंधित 3 लाख 50 हजार 622 रुपये तथा कथित अवैध चुंगी नाका वसूली से जुड़े 2 लाख 400 रुपये की राशि को लेकर वित्तीय अनियमितताएं सामने आने का उल्लेख आदेश में किया गया है।
15 दिन में राशि जमा नहीं की तो बढ़ेगी कार्रवाई
जिला पंचायत सीईओ ने संबंधितों को निर्धारित समय सीमा में वसूली योग्य राशि पंचायत के खाते में जमा करने का अवसर दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि समय सीमा में राशि जमा नहीं करने पर संबंधितों के विरुद्ध पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 एवं 92 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरपंच पति की दखलंदाजी पर भी सख्ती
पंचायत के कामकाज में सरपंच पति की कथित दखलंदाजी को लेकर भी जिला पंचायत सीईओ ने गंभीरता दिखाई है। सरपंच सुषमा गुप्ता को निर्देशित किया गया है कि पंचायत के कार्यों एवं सरपंच पद से जुड़े अधिकारों का संचालन निर्धारित नियमों के अनुरूप किया जाए। साथ ही जनपद पंचायत बहोरीबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ग्राम पंचायत छपरा के कार्यों की निरंतर निगरानी और पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले की पंचायतों को साफ संदेश—सरकारी राशि के इस्तेमाल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
इस कार्रवाई को पंचायतों में वित्तीय अनुशासन कायम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिला पंचायत प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शासन अथवा पंचायत की आय से प्राप्त राशि का उपयोग निर्धारित नियमों और जनहित के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। वित्तीय अनियमितता अथवा राशि के दुरुपयोग की स्थिति में जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।



