मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर आते दूसरे दिन प्रदेश में कहीं न कहीं भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़ा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर रिश्वत लेने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला राजगढ़ का है जहां सारंगपुर जनपद में पदस्थ सब इंजीनियर को रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा है। सब इंजीनियर एक गांव के सरपंच से विकास कार्यों की राशि में कमीशन के तौर पर रिश्वत मांग रहा था।
67 हजार रूपए का मांगा कमीशन
सारंगपुर जनपद के सुल्तानिया गांव के सरपंच जितेन्द्र कुमार मालवीय ने अपनी पंचायत में विभिन्न तरह के निर्माण कराए थे लेकिन जब वो उन कार्यों का मूल्यांकन कराने के लिए सारंगपुर जनपद के सब इंजीनियर गोविंद अहिरवार के पास पहुंचा तो गोविंद अहिरवार इसके एवज में 67 हजार रूपए की रिश्वत मांगने लगा। जिस पर जितेन्द्र ने कहा कि जब काम पूरे हो चुके हैं तो किस बात का कमीशन और उसने 16 अप्रैल को लोकायुक्त भोपाल में शिकायत कर दी।
20 हजार की रिश्वत लेते पकड़ाया
लोकायुक्त टीम ने सरपंच जितेन्द्र मालवीय की शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर उसे 20 हजार रुपए लेकर सब इंजीनियर गोविंद अहिरवार के पास भेजा। गोविंद अहिरवार ने रिश्वत के रुपए लेकर सरपंच जितेन्द्र को एक किराए के कमरे में बुलाया था। पैसे देकर जैसे ही जितेन्द्र वापस लौटा तो उसने लोकायुक्त की टीम को इशारा कर दिया। कमरे में अंदर बैठकर सब इंजीनियर नोट गिन ही रहा था कि तभी लोकायुक्त की टीम पहुंच गई और उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।