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उमरिया पान–ढीमरखेड़ा आईटीआई विवाद: छात्रों ने कलेक्टर महोदय से दोहरी व्यवस्था करने की उठाई मांग, बोले— राजनीति नहीं, शिक्षा और भविष्य बचाइए,उमरिया पान में वर्तमान आईटीआई यथावत रखने और ढीमरखेड़ा में अलग आईटीआई संचालित करने की मांग, कहा— छात्र हित से बड़ा कोई मुद्दा नहीं

कलयुग की कलम से राकेश यादव

उमरिया पान–ढीमरखेड़ा आईटीआई विवाद: छात्रों ने कलेक्टर महोदय से दोहरी व्यवस्था करने की उठाई मांग, बोले— राजनीति नहीं, शिक्षा और भविष्य बचाइए,उमरिया पान में वर्तमान आईटीआई यथावत रखने और ढीमरखेड़ा में अलग आईटीआई संचालित करने की मांग, कहा— छात्र हित से बड़ा कोई मुद्दा नहीं

KKK NEWS उमरिया पान /ढीमरखेड़ा – उमरिया पान और ढीमरखेड़ा क्षेत्र में आईटीआई संचालन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने छात्र हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की कलेक्टर महोदय से मांग उठाई है। उनका कहना है कि वर्षों से उमरिया पान स्थित आईटीआई में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित किए बिना ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे उमरिया पान और ढीमरखेड़ा दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा का समान अवसर मिल सके।

छात्रों का कहना है कि यदि वर्तमान में संचालित आईटीआई को उमरिया पान से ढीमरखेड़ा स्थानांतरित किया जाता है, तो विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। कई विद्यार्थियों के पास नियमित परिवहन की सुविधा या किराया वहन करने की क्षमता नहीं है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होने और पढ़ाई बीच में छोड़ने की आशंका बढ़ सकती है।

विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि वे ढीमरखेड़ा में आईटीआई खोले जाने के विरोध में नहीं हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि उमरिया पान में संचालित आईटीआई को यथावत रखा जाए और ढीमरखेड़ा में अलग से आईटीआई की व्यवस्था की जाए, ताकि दोनों क्षेत्रों के युवाओं को समान रूप से तकनीकी शिक्षा का लाभ मिल सके।

छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का विवाद या खींचतान युवाओं के भविष्य के लिए नुकसानदायक है। शासन और प्रशासन को ऐसा समाधान निकालना चाहिए, जिससे किसी भी क्षेत्र के विद्यार्थियों के हित प्रभावित न हों और दोनों स्थानों पर तकनीकी शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध रहें।

नियमों और छात्र हित का पक्ष

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ शिक्षा पहुंचाना है। वहीं संविधान के अनुच्छेद 14 सभी नागरिकों को समानता का अधिकार तथा अनुच्छेद 21-ए शिक्षा के अधिकार की भावना को मजबूत करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना भी शासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। ऐसे में विद्यार्थियों का कहना है कि यदि दोनों स्थानों पर आईटीआई संचालित होती है, तो अधिक से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण मिलेगा, ड्रॉपआउट की संभावना कम होगी और क्षेत्र के रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

छात्रों ने कलेक्टर महोदय से मांग की है कि उमरिया पान में संचालित आईटीआई को यथावत बनाए रखते हुए ढीमरखेड़ा में भी अलग से आईटीआई प्रारंभ की जाए। उनका मानना है कि यही ऐसा समाधान है, जिससे उमरिया पान और ढीमरखेड़ा दोनों क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं का भविष्य सुरक्षित रहेगा और किसी को भी अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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