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जनसुनवाई में गूंजीं 184 फरियादें, कलेक्टर ने अफसरों से कहा— हर शिकायत का समयबद्ध और संतोषजनक समाधान करे,भूमि विवाद, पेंशन, पीएम किसान, लाड़ली बहना, राशन, वेतन और आवास सहित कई अहम मामलों पर हुई सुनवाई, अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्रवाई के निर्देश

कलयुग की कलम से राकेश यादव

जनसुनवाई में गूंजीं 184 फरियादें, कलेक्टर ने अफसरों से कहा— हर शिकायत का समयबद्ध और संतोषजनक समाधान करे,भूमि विवाद, पेंशन, पीएम किसान, लाड़ली बहना, राशन, वेतन और आवास सहित कई अहम मामलों पर हुई सुनवाई, अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्रवाई के निर्देश

कलयुग की कलम कटनी – आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर आशीष तिवारी ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 184 आवेदकों की शिकायतें गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का निष्पक्ष परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

जनसुनवाई के दौरान जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा, संयुक्त कलेक्टर जितेन्द्र पटेल, एसडीएम कटनी प्रमोद चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जनसुनवाई में सबसे अधिक आवेदन राजस्व विभाग से जुड़े रहे। इनमें भूमि विवाद, सीमांकन, नामांतरण, भूमि आवंटन, अतिक्रमण हटाने और नक्शा सुधार जैसे मामलों पर लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। इसके अलावा शिक्षा विभाग में एक दिव्यांग आवेदक ने अतिथि शिक्षक का पद समाप्त होने के बाद रोजगार छिन जाने की शिकायत दर्ज कराई।

कृषि विभाग से जुड़े प्रकरणों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि नहीं मिलने की शिकायतें सामने आईं। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत लाड़ली बहना योजना की बंद हुई किस्तों को लेकर आवेदन प्राप्त हुए। नगर निगम के एक सफाई कर्मचारी ने पिछले पांच माह से वेतन नहीं मिलने की समस्या बताई, जबकि खाद्य विभाग से संबंधित राशन वितरण और लोक सेवा विभाग में समग्र परिवार आईडी में नाम जोड़ने के मामले भी सुनवाई में शामिल रहे।

इसके अलावा दिव्यांग पेंशन बंद होने, प्रधानमंत्री आवास योजना की नई सूची में नाम शामिल कराने तथा अन्य विभागों से संबंधित अनेक जनहित के मामलों पर भी नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं।

कलेक्टर आशीष तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का तथ्यों के आधार पर परीक्षण कर प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निपटारा नहीं, बल्कि वास्तविक और स्थायी समाधान होना चाहिए। सभी विभाग अपने लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि पात्र हितग्राहियों को बिना अनावश्यक विलंब के योजनाओं का लाभ एवं न्याय मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन का उद्देश्य ऐसा तंत्र विकसित करना है, जिससे आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए जनविश्वास को मजबूत करना सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

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