खाद संकट पर कलेक्टर सख्त: “एक भी किसान खाद से वंचित न रहे”ग्रामीणों की परेशानी बरकरार, मोबाइल और फार्मर रजिस्ट्री बनी छोटे किसानों के लिए बड़ी चुनौती,विशेष रूप से छोटे और वृद्ध किसानों के लिए ऑफलाइन सत्यापन या वैकल्पिक व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
कलयुग की कलम से राकेश यादव

खाद संकट पर कलेक्टर सख्त: “एक भी किसान खाद से वंचित न रहे”ग्रामीणों की परेशानी बरकरार, मोबाइल और फार्मर रजिस्ट्री बनी छोटे किसानों के लिए बड़ी चुनौती,विशेष रूप से छोटे और वृद्ध किसानों के लिए ऑफलाइन सत्यापन या वैकल्पिक व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
कलयुग की कलम कटनी ढीमरखेड़ा – खरीफ सीजन के बीच किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में कलेक्टर आशीष तिवारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में किसी भी किसान को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि खाद वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखें और किसानों को बिना विलंब उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में कलेक्टर ने जनहित से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर समग्र ई-केवाईसी का कार्य 95 प्रतिशत तक पूरा कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की भी विभागवार समीक्षा की। नगर निगम, कृषि, राजस्व, स्वास्थ्य, ऊर्जा, लोक निर्माण, जल संसाधन सहित अन्य विभागों को शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए। संबल योजना से संबंधित शिकायतों के प्रभावी समाधान पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को जुलाई माह के अंत तक कक्षा 1 से 12 तक शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जिले का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान मूंग-उड़द उपार्जन और खाद वितरण व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने उप संचालक कृषि को निर्देश दिए कि किसानों को खेती के लिए आवश्यक खाद समय पर मिले। वहीं एसडीएम कटनी को उपार्जन केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए।
मत्स्य विभाग की समीक्षा में जिले में केज कल्चर को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर बल दिया गया। वहीं जनजातीय विभाग की समीक्षा के दौरान योग्य और जिम्मेदार शिक्षकों को छात्रावास अधीक्षक बनाने तथा लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, पंजीयन और गंभीर एनीमिया के मामलों के शत-प्रतिशत प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा राजस्व विभाग को नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख दुरुस्ती और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार, अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा सहित सभी एसडीएम एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जमीनी हकीकत: ग्रामीण किसान अब भी परेशान
हालांकि प्रशासनिक स्तर पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों से किसानों को खाद प्राप्त करने में कठिनाइयों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कई छोटे और बुजुर्ग किसानों के पास मोबाइल नंबर नहीं होने या फार्मर रजिस्ट्री एवं ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण उन्हें खाद वितरण में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे तकनीकी कारणों से कोई भी पात्र किसान खाद से वंचित न रहे। विशेष रूप से छोटे और वृद्ध किसानों के लिए ऑफलाइन सत्यापन या वैकल्पिक व्यवस्था लागू किए जाने की मांग भी उठ रही है, ताकि खेती के महत्वपूर्ण समय में उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।



