अब गांव के भूखण्ड पर भी होगा मालिकाना हक! 17 सितंबर से शुरू होगी स्वामित्व अधिकार योजना,कटनी के करीब 1.05 लाख परिवारों को बड़ी राहत—आबादी भूखण्ड का मिलेगा कानूनी अभिलेख, पंजीयन पूरी तरह निःशुल्क ई-केवाईसी और भूखण्ड लिंकिंग जल्द कराने की अपील, ग्राम पंचायत स्तर पर पटवारी से लेकर प्रशिक्षित युवा तक करेंगे ग्रामीणों की मदद
कलयुग की कलम से राकेश यादव

अब गांव के भूखण्ड पर भी होगा मालिकाना हक! 17 सितंबर से शुरू होगी स्वामित्व अधिकार योजना,कटनी के करीब 1.05 लाख परिवारों को बड़ी राहत—आबादी भूखण्ड का मिलेगा कानूनी अभिलेख, पंजीयन पूरी तरह निःशुल्क ई-केवाईसी और भूखण्ड लिंकिंग जल्द कराने की अपील, ग्राम पंचायत स्तर पर पटवारी से लेकर प्रशिक्षित युवा तक करेंगे ग्रामीणों की मदद
कलयुग की कलम कटनी – गांवों में वर्षों से अपने मकान और आबादी भूखण्ड पर रह रहे परिवारों के लिए राज्य शासन एक महत्वपूर्ण पहल शुरू करने जा रहा है। अब ग्रामीणों को अपने आबादी भूखण्ड के स्वामित्व को विधिवत अभिलेख में दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। “स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026” योजना के तहत कटनी जिले में 17 सितंबर से विशेष प्रक्रिया शुरू की जाएगी। योजना से जिले के लगभग 1 लाख 5 हजार आबादी भूखण्ड धारक परिवार लाभान्वित हो सकेंगे।
स्वामित्व अधिकार अभिलेख मिलने के बाद ग्रामीणों को अपनी संपत्ति की कानूनी पहचान और प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध होगा। इससे शासकीय कार्यों में सुविधा के साथ ही पात्रता और संबंधित बैंकिंग नियमों के अधीन संपत्ति का उपयोग संस्थागत वित्तीय सुविधाओं के लिए भी किया जा सकेगा।
घर ही नहीं, अब जमीन का भी मिलेगा पक्का दस्तावेज
ग्रामीण परिवारों के लिए उनका आबादी भूखण्ड केवल जमीन का हिस्सा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत से बनाया गया घर, परिवार की जमा-पूंजी और भविष्य की सुरक्षा का आधार है। ऐसे भूखण्डों को स्वामित्व अधिकार अभिलेख से जोड़ने से संपत्ति को स्पष्ट और विधिवत पहचान मिलेगी। दस्तावेज उपलब्ध होने से विभिन्न शासकीय प्रक्रियाओं में आसानी होगी तथा पात्रता और बैंकिंग नियमों के अनुसार बैंक ऋण जैसी संस्थागत वित्तीय सुविधाओं तक पहुंच बनाने में भी मदद मिल सकती है।
अभी करा लें ई-केवाईसी, बाद में नहीं होगी परेशानी
योजना की आगामी प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए आबादी भूखण्ड धारकों को समग्र ई-केवाईसी और भूखण्ड लिंकिंग/केवाईसी का कार्य समय रहते पूरा कराना होगा। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने जिले के सभी संबंधित भूखण्ड धारकों से अपील की है कि वे अपने गांव के पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक अथवा उपलब्ध स्थानीय सहायता केंद्र से संपर्क कर अपनी ई-केवाईसी और भूखण्ड लिंकिंग की स्थिति की जानकारी लें।
यदि प्रक्रिया लंबित है तो उसे शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि स्वामित्व अधिकार अभिलेख के निष्पादन एवं पंजीयन के समय किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
गांव में ही मिलेगी पूरी जानकारी और सहायता
ग्रामीणों को योजना की प्रक्रिया समझाने और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष सहायता व्यवस्था रहेगी। निर्धारित कार्य दिवसों में पटवारी, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और स्थानीय प्रशिक्षित युवा ग्रामीणों को आवश्यक सहयोग देंगे।
इस दौरान ई-केवाईसी, भूखण्ड लिंकिंग, वेबजीआईएस एवं भू-अभिलेख से संबंधित जानकारी के सत्यापन के साथ ही स्वामित्व अधिकार अभिलेख के निष्पादन और पंजीयन की आगामी प्रक्रिया के बारे में भी मार्गदर्शन दिया जाएगा। इससे ग्रामीणों को अपने ही गांव में आवश्यक जानकारी और सहायता उपलब्ध हो सकेगी।
न शुल्क लगेगा, न बिचौलिए की जरूरत
स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। ग्रामीणों को इसके लिए किसी व्यक्ति या बिचौलिए को शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से ही अपना कार्य कराएं और किसी प्रकार के भ्रम या अनधिकृत वसूली से सावधान रहें।
17 सितंबर से नई शुरुआत, पहले से तैयार रहें ग्रामीण
17 सितंबर से शुरू होने वाली यह प्रक्रिया कटनी जिले के हजारों ग्रामीण परिवारों के लिए उनके आबादी भूखण्ड को कानूनी दस्तावेज और स्पष्ट स्वामित्व पहचान से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने ग्रामीणों से अंतिम समय का इंतजार न करने और अभी से अपनी ई-केवाईसी तथा भूखण्ड लिंकिंग की स्थिति जांचकर लंबित प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की है।
प्रशासन का संदेश स्पष्ट है—कागज पूरे रखें, प्रक्रिया समय पर पूरी कराएं और अपने आबादी भूखण्ड के स्वामित्व अधिकार को विधिवत अभिलेख में दर्ज कराएं।



