ढीमरखेड़ा न्यायालय में गूंजा संवैधानिक अधिकारों का संदेश,विधिक जागरूकता शिविर में नागरिकों को बताए गए मौलिक अधिकार, न्याय तक आसान पहुंच और कानूनी सहायता की दी जानकारी
कलयुग की कलम से राकेश यादव

ढीमरखेड़ा न्यायालय में गूंजा संवैधानिक अधिकारों का संदेश,विधिक जागरूकता शिविर में नागरिकों को बताए गए मौलिक अधिकार, न्याय तक आसान पहुंच और कानूनी सहायता की दी जानकारी
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – आमजन को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से शनिवार को ढीमरखेड़ा न्यायालय परिसर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों तथा अध्यक्ष, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीतेन्द्र कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
शिविर को संबोधित करते हुए न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने उपस्थित पक्षकारों, न्यायालय परिसर में आए नागरिकों एवं अन्य प्रतिभागियों को भारतीय संविधान में निहित मौलिक अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार प्रदान करता है। इन अधिकारों की जानकारी होने से नागरिक अपने हितों की प्रभावी ढंग से रक्षा कर सकते हैं और कानून के प्रति जागरूक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान निःशुल्क विधिक सहायता की पात्रता, कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा विभिन्न विधिक सेवा योजनाओं की भी जानकारी साझा की गई। शिविर में उपस्थित लोगों की कानूनी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें आवश्यकता पड़ने पर विधिक सेवा प्राधिकरण की सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
आयोजकों ने बताया कि ऐसे जागरूकता शिविरों का उद्देश्य आमजन तक न्याय और कानूनी सहायता की पहुंच को सरल एवं प्रभावी बनाना है, ताकि प्रत्येक नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग रहकर कानूनसम्मत जीवन जी सके।



