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पीएम किसान सम्मान निधि की सौगात: ढीमरखेड़ा सहित कटनी जिले के 1.67 लाख किसानों के खातों में पहुंचे 33.40 करोड़ रुपये,ढीमरखेड़ा के 26 हजार से अधिक किसानों को मिला 5.23 करोड़ रुपये का लाभ, प्रधानमंत्री मोदी ने जारी की पीएम किसान योजना की नई किस्त

कलयुग की कलम से राकेश यादव

पीएम किसान सम्मान निधि की सौगात: ढीमरखेड़ा सहित कटनी जिले के 1.67 लाख किसानों के खातों में पहुंचे 33.40 करोड़ रुपये,ढीमरखेड़ा के 26 हजार से अधिक किसानों को मिला 5.23 करोड़ रुपये का लाभ, प्रधानमंत्री मोदी ने जारी की पीएम किसान योजना की नई किस्त

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की नई किस्त जारी करते हुए कटनी जिले के 1 लाख 67 हजार 29 किसानों के बैंक खातों में कुल 33 करोड़ 40 लाख 58 हजार रुपये की राशि अंतरित की। योजना के तहत प्रत्येक पात्र किसान को 2 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जिससे किसानों को खरीफ सीजन की तैयारियों में मदद मिलेगी।

जिले में सर्वाधिक लाभार्थियों में शामिल ढीमरखेड़ा तहसील के 26 हजार 164 किसानों के खातों में 5 करोड़ 23 लाख 28 हजार रुपये की राशि पहुंची। वहीं विजयराघवगढ़ के 28 हजार 551 किसानों को 5 करोड़ 71 लाख 2 हजार रुपये तथा बहोरीबंद के 27 हजार 19 किसानों को 5 करोड़ 40 लाख 38 हजार रुपये की सहायता प्राप्त हुई।

इसी प्रकार रीठी तहसील के 21 हजार 816 किसानों को 4 करोड़ 36 लाख 32 हजार रुपये, बरही के 16 हजार 544 किसानों को 3 करोड़ 30 लाख 88 हजार रुपये, बड़वारा के 15 हजार 536 किसानों को 3 करोड़ 10 लाख 72 हजार रुपये तथा स्लीमनाबाद के 13 हजार 164 किसानों के खातों में 2 करोड़ 63 लाख 28 हजार रुपये की राशि अंतरित की गई।

कटनी नगर क्षेत्र के 9 हजार 312 किसानों को 1 करोड़ 86 लाख 24 हजार रुपये तथा मुड़वारा क्षेत्र के 8 हजार 923 किसानों को 1 करोड़ 78 लाख 46 हजार रुपये का लाभ मिला। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि संसाधनों की व्यवस्था करने में आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे खेती की तैयारियां समय पर पूरी हो रही हैं और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में भी सहायता मिल रही है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह योजना छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए संबल साबित हो रही है। नियमित अंतराल पर मिलने वाली आर्थिक सहायता से किसानों की कृषि लागत का बोझ कम हो रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

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