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दर्द से उम्मीद तक का सफर: दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को मिला रोजगार का सहारा कलेक्टर आशीष तिवारी ने 5 आश्रितों को सौंपे अनुकंपा नियुक्ति पत्र, भावुक माहौल में दिखी राहत और विश्वास की झलक

कलयुग की कलम से राकेश यादव

दर्द से उम्मीद तक का सफर: दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को मिला रोजगार का सहारा कलेक्टर आशीष तिवारी ने 5 आश्रितों को सौंपे अनुकंपा नियुक्ति पत्र, भावुक माहौल में दिखी राहत और विश्वास की झलक

कलयुग की कलम कटनी – परिवार के मुखिया या कमाने वाले सदस्य के असमय निधन से उत्पन्न आर्थिक और सामाजिक संकट किसी भी परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे कठिन समय में शासन की संवेदनशील पहल ने पांच परिवारों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। सोमवार को कलेक्टर आशीष तिवारी ने विभिन्न शासकीय विभागों में सेवाकाल के दौरान दिवंगत हुए कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र प्रदान किए। नियुक्ति आदेश प्राप्त करते ही परिजनों के चेहरों पर राहत, संतोष और भविष्य के प्रति विश्वास साफ दिखाई दिया।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि किसी कर्मचारी के निधन के बाद उसके परिवार को आर्थिक असुरक्षा का सामना न करना पड़े। अनुकंपा नियुक्ति केवल नौकरी नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों के लिए आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत है। उन्होंने नियुक्ति प्राप्त सभी आश्रितों को शुभकामनाएं देते हुए अपने दायित्वों का ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करने की अपेक्षा व्यक्त की। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर जितेन्द्र पटेल भी मौजूद रहे।

अनुकंपा नियुक्ति के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कारीतलाई में पदस्थ रहे दिवंगत कर्मचारी के पुत्र को तहसील कार्यालय कटनी (नगर) में सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्त किया गया। इसी प्रकार एक अन्य दिवंगत शिक्षक के पुत्र को कलेक्टर कार्यालय में सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदस्थापना दी गई।

इसके अलावा प्राथमिक शिक्षक, पटवारी तथा तहसील कार्यालय में पदस्थ रहे दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को भी उनकी पात्रता के अनुसार विभिन्न विभागों में नियुक्ति प्रदान की गई। इनमें सहायक ग्रेड-3 तथा भृत्य पद पर नियुक्तियां शामिल हैं।

पांच परिवारों को मिला नया संबल

अनुकंपा नियुक्ति के माध्यम से पांच परिवारों को रोजगार का अवसर मिलने के साथ ही भविष्य की अनिश्चितताओं से लड़ने का आत्मविश्वास भी प्राप्त हुआ है। प्रशासन की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि संकट की घड़ी में शासन प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है। यह कदम न केवल संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्था का परिचायक है, बल्कि कर्मचारी परिवारों के प्रति सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय प्रतिबद्धता का भी सशक्त उदाहरण है।

“नियुक्ति पत्र नहीं, नई जिंदगी की शुरुआत”

कार्यक्रम के दौरान कई परिवार भावुक नजर आए। वर्षों की प्रतीक्षा के बाद मिले रोजगार के अवसर ने उनके जीवन में नई ऊर्जा का संचार किया। अनुकंपा नियुक्ति के ये आदेश उन परिवारों के लिए केवल सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत साबित हुए हैं।

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