कटनी में जलाशय परियोजनाओं पर प्रशासन सख्त, वन भूमि विवादों के जल्द निराकरण के निर्देश,कलेक्टर श्री तिवारी की टास्क फोर्स बैठक में धरमपुरा, पाली और गिदुरहा परियोजनाओं की समीक्षा, ग्राम सभाओं से वन अधिकार दावों के अनुमोदन पर जोर
कलयुग की कलम से राकेश यादव

कटनी में जलाशय परियोजनाओं पर प्रशासन सख्त, वन भूमि विवादों के जल्द निराकरण के निर्देश,कलेक्टर श्री तिवारी की टास्क फोर्स बैठक में धरमपुरा, पाली और गिदुरहा परियोजनाओं की समीक्षा, ग्राम सभाओं से वन अधिकार दावों के अनुमोदन पर जोर
कटनी। जिले की महत्वपूर्ण जलाशय परियोजनाओं और वन भूमि संबंधी मामलों को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर Ashish Tiwari ने की। बैठक में जलाशय परियोजनाओं की प्रगति, वन भूमि विवादों के निराकरण और वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में पुलिस अधीक्षक Abhinav Vishwakarma, वनमंडलाधिकारी Garvit Gangwar एवं सहायक कलेक्टर श्लोक वाइकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
धरमपुरा परियोजना में तेजी लाने के निर्देश
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग ने बताया कि धरमपुरा जलाशय परियोजना के डूब क्षेत्र की केएमएल फाइल और अक्षांश-देशांश के आधार पर वन विभाग द्वारा रकबे की पुष्टि की जा चुकी है। वर्तमान में स्टेज-1 स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है। इस पर कलेक्टर Ashish Tiwari ने वन विभाग को तीन दिनों के भीतर ईडीएस भाग-2 की प्रक्रिया पूर्ण करने तथा जल संसाधन विभाग को केएमएल फाइल में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
पाली परियोजना के लिए सीमांकन की तैयारी
पाली जलाशय परियोजना में वन भूमि के बदले तहसील ढीमरखेड़ा के ग्राम कुदरा में 20.17 हेक्टेयर राजस्व भूमि उपलब्ध कराई गई है। कलेक्टर ने राजस्व, वन और जल संसाधन विभाग की संयुक्त टीम से शनिवार को भूमि का सीमांकन कराने के निर्देश दिए। साथ ही वन भूमि व्यपवर्तन के लिए परिवेश पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा गया।
गिदुरहा जलाशय विवाद राज्य स्तर तक पहुंचेगा
गिदुरहा जलाशय परियोजना में डूब क्षेत्र की भूमि को लेकर वन और राजस्व विभाग के बीच विवाद की स्थिति सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर Ashish Tiwari ने इसकी जांच राज्य स्तरीय समिति से कराने का निर्णय लिया। इसके लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।
जल संसाधन विभाग ने जानकारी दी कि परियोजना क्षेत्र में कट-ऑफ खुदाई और नहर निर्माण का कार्य जारी है, लेकिन वन सीमा विवाद का अंतिम समाधान अभी शेष है।
ग्राम सभाओं से अनुमोदित होंगे वन अधिकार दावे
बैठक में वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर) की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि वन सीमा से लगे सभी गांवों में ग्राम वन अधिकार समितियों के माध्यम से दावे तैयार कर ग्राम सभाओं से अनुमोदित कराए जाएं। इसके बाद इन्हें उपखंड स्तरीय वन अधिकार समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
बैठक में डिप्टी कलेक्टर विंकी सिंहमारे उइके, प्रदीप मिश्रा, उप संचालक खनिज रत्नेश दीक्षित, जिला संयोजक आदिम जाति विभाग विमल चौरसिया, उप संचालक पशुपालन डॉ. आर.के. सोनी, उप वनमंडल अधिकारी सुरेश भरौले सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



