जनसैलाब के बीच मनाया गया विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह का जन्मदिन, कार्यकर्ताओं ने केक-मिठाई खिलाकर दी बधाई, विधायक श्री सिंह ने कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।
कलयुग की कलम से राकेश यादव

जनसैलाब के बीच मनाया गया विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह का जन्मदिन, कार्यकर्ताओं ने केक-मिठाई खिलाकर दी बधाई, विधायक श्री सिंह ने कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।
कलयुग की कलम उमरिया पान– बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह का जन्मदिन इस वर्ष पूरे उत्साह, उल्लास और जनभागीदारी के साथ मनाया गया। सुबह से ही उनके निवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा, जहां क्षेत्र के विभिन्न मंडलों से पहुंचे कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने केक काटकर एवं मिठाई खिलाकर अपने लोकप्रिय जनप्रतिनिधि को शुभकामनाएं दीं।
जन्मदिन की शुरुआत विधायक ने धार्मिक आस्था के साथ की। उन्होंने प्रातःकाल हनुमान जी की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए “एक वृक्ष मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण भी किया, जो पार्टी की परंपरा और सामाजिक सरोकारों का प्रतीक रहा।
दिनभर विधायक निवास पर जनसंपर्क का माहौल बना रहा। क्षेत्र के विभिन्न गांवों, मंडलों और सामाजिक संगठनों से आए लोगों ने फूल-मालाएं, केक, मिठाई और आकर्षक उपहार भेंट कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर भी समर्थकों एवं शुभचिंतकों ने संदेशों के माध्यम से बधाई दी, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम में शामिल कार्यकर्ताओं और आमजन में खासा उत्साह देखने को मिला। हर मंडल से पहुंचे कार्यकर्ता अपने विधायक के प्रति सम्मान और स्नेह व्यक्त करते नजर आए। इस दौरान विधायक निवास पर आगंतुकों के लिए स्वल्पाहार और भोजन की भी समुचित व्यवस्था की गई, जिससे कार्यक्रम और अधिक गरिमामय बन गया।
विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने इस अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का यह स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे क्षेत्र के विकास और जनसेवा के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे।
पूरे दिन चले इस जन्मदिन समारोह ने न केवल राजनीतिक एकजुटता का संदेश दिया, बल्कि जनप्रतिनिधि और जनता के बीच मजबूत संबंधों को भी प्रदर्शित किया।



