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कटनी में पर्वों की सौहार्दपूर्ण परंपरा को आगे बढ़ाने की तैयारी होली से ईद तक शांति और भाईचारे का संदेश, कलेक्टर श्री तिवारी की अध्यक्षता में पुलिस कंट्रोल रूम में शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई संपन्न 

कलयुग की कलम से राकेश यादव

कटनी में पर्वों की सौहार्दपूर्ण परंपरा को आगे बढ़ाने की तैयारी होली से ईद तक शांति और भाईचारे का संदेश, कलेक्टर श्री तिवारी की अध्यक्षता में पुलिस कंट्रोल रूम में शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई संपन्न 

कटनी। जिले में आगामी होली, धुरेड़ी, नवरात्रि, रामनवमी, चैत्री चांद (झूलेलाल जयंती) एवं ईद-उल-फितर जैसे प्रमुख पर्व शांति, सद्भाव और सामाजिक समरसता के साथ मनाए जाएं, इस उद्देश्य से मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम के सभाकक्ष में कलेक्टर आशीष तिवारी की अध्यक्षता में जिला शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासन, पुलिस और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर पर्वों के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की तथा नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की।

बैठक में आगामी त्योहारों की तिथियों और व्यवस्थाओं पर विशेष रूप से विचार किया गया। संयुक्त कलेक्टर जितेन्द्र पटेल ने जानकारी दी कि 3 मार्च को होलिका दहन, 4 मार्च को धुरेड़ी (रंग उत्सव) तथा इसके बाद रंग पंचमी मनाई जाएगी। समिति के सदस्यों ने 27 मार्च को जवारा विसर्जन और 28 मार्च को रामनवमी के जुलूस के दौरान समुचित सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया। ईद-उल-फितर 21 मार्च 2026 को मनाई जाएगी, जिसके मद्देनज़र नमाज स्थलों और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी त्योहारों के दौरान पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, पुलिस सुरक्षा तथा जिला चिकित्सालय में आकस्मिक उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि होलिका दहन मुख्य सड़कों, बिजली के तारों, ट्रांसफार्मरों और सार्वजनिक स्थलों के समीप न किया जाए तथा हरे-भरे पेड़ों की कटाई से बचा जाए। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनधिकृत उपयोग पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि कटनी जिले की पहचान आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक समरसता से है। यहां सभी वर्गों के लोग मिलजुलकर त्योहार मनाते हैं और किसी भी समस्या के समाधान के लिए सदैव तत्पर रहते हैं, जो अनुकरणीय है। उन्होंने शांति समिति के सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने समाज और विशेष रूप से युवाओं को शांतिपूर्ण एवं जिम्मेदार तरीके से त्योहार मनाने के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के जुलूस, रैली, मेला या सार्वजनिक आयोजन के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा तथा आयोजन की संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित आयोजन समिति की रहेगी। साथ ही अनुभाग एवं थाना स्तर पर भी शांति समिति की बैठकें आयोजित कर स्थानीय स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देश देने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष सुनीता मेहरा, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, जिला भाजपा अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया, एसडीएम प्रमोद कुमार चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और शांति समिति के अशासकीय सदस्य उपस्थित रहे।

अंत में प्रशासन और शांति समिति ने जिले के नागरिकों से अपील की कि वे सभी पर्वों को आनंद, उत्साह और पारस्परिक सम्मान के साथ मनाएं तथा जिले की गौरवशाली सौहार्दपूर्ण परंपरा को बनाए रखने में सहयोग करें।

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