धान उपार्जन में रफ्तार तेज, 36.63 करोड़ का भुगतान 91,807 मीट्रिक टन खरीदी, 10,200 किसानों को मिला लाभ,खरीदी के मामले में बहोरीबंद अग्रणी पहले स्थान पर दूसरे स्थान पर तहसील ढीमरखेड़ा रही,
कलयुग की कलम से राकेश यादव

धान उपार्जन में रफ्तार तेज, 36.63 करोड़ का भुगतान 91,807 मीट्रिक टन खरीदी, 10,200 किसानों को मिला लाभ,खरीदी के मामले में बहोरीबंद अग्रणी पहले स्थान पर दूसरे स्थान पर तहसील ढीमरखेड़ा रही,
कलयुग की कलम कटनी -खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के अंतर्गत जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का कार्य लगातार गति पकड़ रहा है। 1 दिसंबर से प्रारंभ हुए उपार्जन कार्य में रविवार 14 दिसंबर तक जिले में 10 हजार 200 कृषकों से कुल 91 हजार 807 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। इसके एवज में किसानों को अब तक 36.63 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है, जिससे ग्रामीण अंचलों में आर्थिक गतिविधियों को बल मिला है।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक 45 हजार 969 किसानों द्वारा स्लॉट बुकिंग कराई जा चुकी है, जबकि 42 हजार 880 मीट्रिक टन धान के लिए स्वीकृति पत्रक भी जारी किए जा चुके हैं। उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थित खरीदी और समय पर भुगतान से किसानों में संतोष का माहौल देखा जा रहा है।
धान उपार्जन में बहोरीबंद सबसे आगे
जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के मामले में तहसील बहोरीबंद अग्रणी बनी हुई है। यहां अब तक 1,960 किसानों से 18 हजार 435 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है।
दूसरे स्थान पर तहसील ढीमरखेड़ा रही, जहां 2,180 किसानों से 15 हजार 796 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है।इसी क्रम में बड़वारा तहसील में 1,644 किसानों से 14 हजार 196 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। विजयराघवगढ़ तहसील में 1,171 किसानों से 10 हजार 484 मीट्रिक टन, रीठी तहसील में 984 किसानों से 10 हजार 1 मीट्रिक टन तथा बरही तहसील में 758 किसानों से 8 हजार 151 मीट्रिक टन धान का उपार्जन दर्ज किया गया है।
इसके अतिरिक्त स्लीमनाबाद तहसील में 751 किसानों से 7 हजार 501 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है, जबकि कटनी नगर एवं कटनी ग्रामीण तहसील में 752 किसानों से 7 हजार 244 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है।
कलेक्टर के सख्त निर्देश
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने धान उपार्जन कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीदी केंद्रों में तिरपाल, पन्नी सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह पुख्ता रखी जाएं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।उन्होंने खरीदी केंद्र प्रभारियों एवं संबंधित अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेताया है कि किसानों के हित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



