बरसात से पहले सड़क की बदहाली बनी चिंता: सिलौंडी–बसेहरा घनहन मार्ग पर किसानों ने उठाई निर्माण की मांग,दो किलोमीटर जर्जर मार्ग से रोजाना गुजरते हैं करीब 200 किसान, बारिश में पैदल चलना भी हो जाएगा मुश्किल
कलयुग की कलम से राकेश यादव

बरसात से पहले सड़क की बदहाली बनी चिंता: सिलौंडी–बसेहरा घनहन मार्ग पर किसानों ने उठाई निर्माण की मांग,दो किलोमीटर जर्जर मार्ग से रोजाना गुजरते हैं करीब 200 किसान, बारिश में पैदल चलना भी हो जाएगा मुश्किल
कलयुग की कलम सिलौंडी – बारिश का मौसम शुरू होने से पहले सिलौंडी से बसेहरा घनहन तक जाने वाले जर्जर मार्ग की हालत क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। सिलौंडी सहकारी समिति से प्रारंभ होकर बसेहरा तक लगभग दो किलोमीटर लंबा यह मार्ग वर्षों से खराब स्थिति में है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार मांग और शिकायतों के बावजूद सड़क निर्माण की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग करीब 200 किसानों के आवागमन का प्रमुख साधन है। इसी रास्ते से किसान अपने खेतों तक पहुंचते हैं और कृषि कार्यों से जुड़े आवश्यक संसाधनों का परिवहन भी करते हैं। वर्तमान में किसी तरह आवागमन हो पा रहा है, लेकिन बारिश शुरू होते ही हालात और गंभीर हो जाने की आशंका है।
बारिश में पैदल निकलना भी बन जाता है चुनौती
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान सड़क पर कीचड़ और गड्ढों के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। किसानों को खेतों तक पहुंचने और कृषि उपज लाने-ले जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीण नीरज राय, रामलाल काछी और रविंद्र काछी ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार प्रशासन से गुहार लगाई जा चुकी है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों ने की शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग
क्षेत्रवासियों का कहना है कि मानसून के दौरान यह मार्ग पूरी तरह बदहाल हो जाता है, जिससे किसानों और ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि बारिश के मौसम को देखते हुए सिलौंडी-बसेहरा घनहन मार्ग के निर्माण कार्य को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द शुरू कराया जाए।
जनसमस्या
“सड़क की बदहाली से खेती-किसानी प्रभावित होने की आशंका, ग्रामीण बोले— बरसात से पहले हो मार्ग निर्माण, तभी मिलेगी राहत।”



