उपराष्ट्रपति ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरलता से प्रभावी बात करने वाले और कम समय में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले हैं। हर स्थान किसी न किसी के लिए शुभ होता है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लिए इस जिले का प्रभारी होना इतना शुभ पड़ा कि वे पूरे प्रदेश के प्रभारी बन गए।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहली मुलाकात में ही दो-तीन बातों की ओर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने सिकल सेल उन्मूलन और ट्राइबल के विकास पर अपना फोकस किया। उपराष्ट्रपति ने आशा जताई कि जल्द ही भारत विकसित राष्ट्र बनेगा और मध्यप्रदेश का देश की आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था में बहुत बड़ा योगदान होगा।
कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आदिवासी अंचलों ने कभी भी गुलामी को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने रानी दुर्गावती व रानी अवंतीबाई की वीरता का उल्लेख करते हुए उन्हें नमन किया।