जिले में विस्फोटक प्रतिष्ठानों पर सख्ती: कलेक्टर श्री तिवारी का बड़ा एक्शन, हर स्तर पर बने विशेष जांच दल
कलयुग की कलम से राकेश यादव

जिले में विस्फोटक प्रतिष्ठानों पर सख्ती: कलेक्टर श्री तिवारी का बड़ा एक्शन, हर स्तर पर बने विशेष जांच दल
कलयुग की कलम कटनी – जिले में विस्फोटक पदार्थों के सुरक्षित उपयोग और नियमों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभाग, तहसील और थाना स्तर पर विशेष जांच दल गठित किए गए हैं, जो जिलेभर में संचालित विस्फोटक प्रतिष्ठानों का व्यापक निरीक्षण करेंगे।
यह विशेष टीमें विस्फोटक फैक्ट्रियों, भंडारगृहों, मैंगनीज इकाइयों, गैस गोदामों, पेट्रोल पंपों और अमोनियम नाइट्रेट स्टोर हाउस का भौतिक सत्यापन करेंगी। जांच के दौरान विस्फोटक अधिनियम 1884, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 और विस्फोटक नियम 2008 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अनुज्ञप्तिधारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अनुभाग स्तर पर सख्त निगरानी
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार विभिन्न अनुभागों में वरिष्ठ अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है—कटनी अनुभाग: कोतवाली, कुठला, माधवनगर, रंगनाथ नगर और एनकेजे थाना क्षेत्रों में उपखंड मजिस्ट्रेट, नगर निगम आयुक्त और नगर पुलिस अधीक्षक निरीक्षण करेंगे।
रीठी-बड़वारा क्षेत्र: उपखंड मजिस्ट्रेट कटनी और डीएसपी हेडक्वार्टर को जिम्मेदारी दी गई है।विजयराघवगढ़ अनुभाग: विजयराघवगढ़, बरही और कैमोर में एसडीएम, एसडीओपी और नगर पालिका अधिकारियों द्वारा जांच होगी।ढीमरखेड़ा अनुभाग: उमरियापान और ढीमरखेड़ा क्षेत्रों में एसडीएम ढीमरखेड़ा और एसडीओपी स्लीमनाबाद निगरानी करेंगे।बहोरीबंद क्षेत्र: बहोरीबंद, स्लीमनाबाद और बाकल थाना क्षेत्रों में संबंधित एसडीएम और पुलिस अधिकारी निरीक्षण करेंगे।
तहसील व थाना स्तर पर भी गठित दल
तहसील और थाना स्तर पर भी प्रशासन ने संयुक्त टीमें बनाकर जांच व्यवस्था को और मजबूत किया है। इन टीमों में तहसीलदार, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, थाना प्रभारी, जनपद पंचायत सीईओ और नगर निकाय अधिकारी शामिल हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करेंगे।
हर 6 महीने में अनिवार्य निरीक्षण
मुख्य विस्फोटक नियंत्रक के निर्देशानुसार अमोनियम नाइट्रेट नियम 2012 और विस्फोटक नियम 2008 के तहत संचालित सभी लाइसेंसी प्रतिष्ठानों का हर 6 महीने में निरीक्षण अनिवार्य किया गया है। इसी के तहत जिले में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
कलेक्टर श्री तिवारी ने स्पष्ट किया है कि विस्फोटक सामग्री से जुड़े सभी प्रतिष्ठानों को सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करना होगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यह अभियान जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।



