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टीकर में मिड डे मील की गुणवत्ता परखी, परसवारा में नाली समस्या के समाधान के दिए निर्देश,जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर मैदानी निरीक्षण तेज, जनपद अध्यक्ष व सीईओ ने किया औचक दौरा

कलयुग की कलम से राकेश यादव

टीकर में मिड डे मील की गुणवत्ता परखी, परसवारा में नाली समस्या के समाधान के दिए निर्देश,जिला पंचायत सीईओ के निर्देश पर मैदानी निरीक्षण तेज, जनपद अध्यक्ष व सीईओ ने किया औचक दौरा

कलयुग की कलम कटनी – शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के त्वरित निराकरण को लेकर जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर के निर्देश पर अधिकारियों के मैदानी दौरे लगातार जारी हैं। इसी क्रम में जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती सुधा कोल एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ब्रतेश जैन ने ग्राम टीकर और परसवारा का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

जनपद अध्यक्ष एवं सीईओ ने प्राथमिक शाला टीकर पहुंचकर मध्यान्ह भोजन योजना के तहत विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं मेन्यू के अनुरूप भोजन तैयार किए जाने की स्थिति देखी। सीईओ श्री जैन ने भोजन की गुणवत्ता परखने के लिए स्वयं भोजन चखकर निरीक्षण किया। उन्होंने सरस्वती स्व-सहायता समूह को निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन तैयार कर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

श्री जैन ने कहा कि बच्चों को गरमा-गरम, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन स्वच्छता के साथ उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। मध्यान्ह भोजन व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

इसके बाद अधिकारियों ने ग्राम परसवारा पहुंचकर निस्तारी पानी की निकासी से जुड़ी समस्या का निरीक्षण किया। ग्रामीणों द्वारा बताई गई नाली संबंधी समस्या का मौके पर जायजा लेते हुए सीईओ ने ग्राम पंचायत को आवश्यक कार्रवाई तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए, ताकि पानी की निकासी सुचारु हो सके और ग्रामीणों को समस्या से राहत मिल सके।

मैदानी निगरानी से योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर

उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर के निर्देश पर जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों द्वारा लगातार मैदानी भ्रमण किया जा रहा है। इन दौरों का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति की निगरानी करने के साथ-साथ स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना है। अधिकारियों के नियमित निरीक्षण से ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

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