लीलाबाई की ‘बगिया’ में दिखी खुशहाली की नई उम्मीद,बड़वारा में फलदार पौधों की स्थिति देखने पहुंचे जिला पंचायत के अधिकारी, आम-नींबू के पौधों में आने लगा फल
कलयुग की कलम से राकेश यादव

लीलाबाई की ‘बगिया’ में दिखी खुशहाली की नई उम्मीद,बड़वारा में फलदार पौधों की स्थिति देखने पहुंचे जिला पंचायत के अधिकारी, आम-नींबू के पौधों में आने लगा फल
कलयुग की कलम बड़वारा – गांवों में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का असर जमीन पर कितना दिखाई दे रहा है, इसकी पड़ताल के लिए जिला पंचायत के अधिकारियों का मैदानी निरीक्षण जारी है। इसी क्रम में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर के निर्देश पर परियोजना अधिकारी ऋषिराज चढ़ार और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह ने बड़वारा पहुंचकर हितग्राही लीलाबाई चौधरी की बगिया का निरीक्षण किया।
‘मां की बगिया’ योजना के तहत लीलाबाई द्वारा लगाए गए फलदार पौधों का अधिकारियों ने जायजा लिया। बगिया में आम, नींबू सहित अन्य प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। इनमें से कई पौधे अब बढ़ने लगे हैं और फल भी देने लगे हैं। अधिकारियों ने पौधों की स्थिति देखने के साथ उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल को लेकर हितग्राही को आवश्यक सुझाव दिए।
आज पौधे, कल आय का जरिया
बगिया में फलदार पौधों के बढ़ने के साथ लीलाबाई को आने वाले समय में अतिरिक्त आमदनी की उम्मीद बंधी है। उनका कहना है कि पौधे जब पूरी तरह विकसित हो जाएंगे और फल देने लगेंगे, तब इनसे परिवार को आर्थिक फायदा मिलेगा। योजना के माध्यम से मिली इस सुविधा को वह भविष्य की आय का आधार मान रही हैं।
लीलाबाई ने योजना का लाभ दिलाने के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार जताया। वहीं अधिकारियों ने भी पौधों की बेहतर देखभाल और संरक्षण पर जोर दिया, ताकि बगिया का लाभ लंबे समय तक हितग्राही को मिल सके।
मैदानी हकीकत पर प्रशासन की नजर
जिला पंचायत स्तर से अधिकारियों के लगातार फील्ड विजिट का उद्देश्य योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति देखना और हितग्राहियों को मौके पर आवश्यक मार्गदर्शन देना है। बड़वारा की यह बगिया भी इसी मैदानी निगरानी का हिस्सा है, जहां पौधों के बढ़ने के साथ ग्रामीण परिवार के लिए आने वाली आर्थिक मजबूती की तस्वीर नजर आने लगी है।



