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संविधान के आदर्शों से गूंजा परिसर: अंबेडकर जयंती पर पांच दिवसीय आयोजन का भव्य समापन” 

कलयुग की कलम से राकेश यादव

“संविधान के आदर्शों से गूंजा परिसर: अंबेडकर जयंती पर पांच दिवसीय आयोजन का भव्य समापन” 

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में 10 से 14 अप्रैल 2026 तक आयोजित पांच दिवसीय शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य समापन हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ 10 अप्रैल को महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बृजलाल अहिरवार द्वारा बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। प्रथम दिवस पर “भारतीय संविधान एवं सामाजिक न्याय” विषय पर व्याख्यान आयोजित हुआ, जिसमें वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के विचारों की वर्तमान संदर्भ में प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

दूसरे दिन निबंध एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने विचार प्रस्तुत किए। तीसरे दिन संगोष्ठी और समूह चर्चा के माध्यम से सामाजिक समता एवं अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक संवाद हुआ। चौथे दिन जनजागरूकता रैली निकालकर बाबा साहब के जीवन संघर्ष और उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाया गया।

14 अप्रैल को आयोजित समापन समारोह में प्राचार्य डॉ. बृजलाल अहिरवार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बाबा साहब के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। व्याख्यान माला के अंतर्गत डॉ. श्वेता सिंह बघेल एवं डॉ. कृष्ण कुमार नागवंशी ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. अखिलेश कुमार द्विवेदी द्वारा एवं आभार प्रदर्शन डॉ. मनीषा व्यास ने किया। इस आयोजन को सफल बनाने में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

इस अवसर पर डॉ. सचिन कोष्टा, डॉ. मनोज कुमार गुप्ता, श्रीमती स्मिता परसाई, श्री युवराज तिवारी, श्रीमती आरती मिश्रा, श्री मनीष कुमार झारिया, श्री जितेंद्र, श्री राजीव कुमार सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज में समानता, न्याय और बंधुत्व की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।

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