धान पंजीयन में खामियां बनीं किसानों की मुसीबत, ढीमरखेड़ा भारतीय किसान संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी! गिरदावली से लेकर पोर्टल और सर्वर तक की समस्याओं से किसान परेशान, पंजीयन की अवधि 15 दिन बढ़ाने की मांग,कलेक्टर के नाम एसडीएम के माध्यम से सौंपा ज्ञापन, किसान संघ ने कहा—समय रहते समस्याएं दूर नहीं हुईं तो होगा आंदोलन
कलयुग की कलम से राकेश यादव

धान पंजीयन में खामियां बनीं किसानों की मुसीबत, ढीमरखेड़ा भारतीय किसान संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी! गिरदावली से लेकर पोर्टल और सर्वर तक की समस्याओं से किसान परेशान, पंजीयन की अवधि 15 दिन बढ़ाने की मांग,कलेक्टर के नाम एसडीएम के माध्यम से सौंपा ज्ञापन, किसान संघ ने कहा—समय रहते समस्याएं दूर नहीं हुईं तो होगा आंदोलन
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – धान उपार्जन के लिए पंजीयन प्रक्रिया में सामने आ रही विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ ने किसानों की आवाज बुलंद की है। संघ ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को जिला कलेक्टर के नाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) निधि गोहल को ज्ञापन सौंपकर पंजीयन व्यवस्था में सुधार करने और पंजीयन की अंतिम तिथि 15 दिन बढ़ाने की मांग की। संघ का कहना है कि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बड़ी संख्या में किसान धान पंजीयन से वंचित रह सकते हैं।
गिरदावली के बाद भी पोर्टल पर नहीं दिख रहे खसरे
भारतीय किसान संघ, तहसील ढीमरखेड़ा ने ज्ञापन में बताया कि क्षेत्र में अब तक अनेक किसानों की गिरदावली पूरी नहीं हो सकी है। वहीं, जिन किसानों की गिरदावली पटवारी की आईडी से दर्ज की जा चुकी है, उनके खसरे भी पंजीयन पोर्टल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। इससे किसान पंजीयन कराने के लिए परेशान हो रहे हैं।
संघ ने बताया कि कई किसानों के पास पांच खसरे होने के बावजूद पोर्टल पर केवल दो या तीन खसरे ही प्रदर्शित हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में यदि किसान उपलब्ध खसरों में से दो या तीन का पंजीयन करा लेते हैं, तो शेष खसरों को बाद में जोड़ने का विकल्प नहीं मिल रहा है। इससे किसानों को अपनी पूरी कृषि भूमि का पंजीयन कराने में परेशानी हो रही है।
सर्वर की समस्या से अटक रही पंजीयन प्रक्रिया
ज्ञापन में सर्वर की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया गया है। संघ के अनुसार, तकनीकी दिक्कतों के कारण किसानों का पंजीयन समय पर नहीं हो पा रहा है। यदि इन समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो संघ की आशंका के मुताबिक 25 से 30 प्रतिशत किसान धान पंजीयन से वंचित रह सकते हैं।
पंजीयन अवधि 15 दिन बढ़ाने की मांग
भारतीय किसान संघ ने प्रशासन से मांग की है कि गिरदावली की लंबित प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए, पोर्टल पर सभी पात्र किसानों के खसरे प्रदर्शित किए जाएं, छूटे हुए खसरों को बाद में जोड़ने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा सर्वर की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। इसके साथ ही किसानों को राहत देने के लिए धान पंजीयन की अवधि 15 दिन बढ़ाई जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रहे।
समस्या दूर नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
संघ ने ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी कि यदि समय रहते किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो भारतीय किसान संघ के बैनर तले आंदोलन किया जाएगा। संघ ने इसके लिए शासन-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने की बात कही है।
ये रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष बसंत मिश्रा, जिला प्रमुख कृषि आयाम सतीश ज्योतषी तहसील महामंत्री आशीष चौरसिया,रामजी व्यवहार, ज्ञानचंद चौरसिया, चमन काछी, रामचरण पटेल सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।



