भोपाल- छत्तीसगढ़ के महादेव सट्टा ऐप मामले में ईडी ने दिल्ली, मुंबई, इंदौर, भोपाल, रायपुर, गुरुग्राम और कोलकाता में 16 जगह छापेमारी कर करीब 580 करोड़ रुपए की संपत्ति फ्रीज कर दी हैं। ईडी के मुताबिक यह संपत्ति अवैध सट्टेबाजी से कमाई गई थी। इसके अलावा छापों के दौरान 1.86 करोड़ रुपए की नगदी के अलावा सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए।
ईडी ने बताया कि 580.78 करोड़ रुपए की संपत्ति फ्रीज की गई है। छापों के दौरान अवैध संपत्ति से जुड़े कई डिजिटल डेटा भी मिले। इस मामले में डेढ़ साल में 1,296 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति का खुलासा हो चुका है। अब तक नौ लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
ईडी के मुताबिक इस अपराध से अर्जित आय 6,000 करोड़ रुपए है। ईडी ने महादेव ऐप के एक और प्रमोटर हरिशंकर टिबरेवाल के नाम का खुलासा किया। कोलकाता का टिबरेवाल दुबई में रहते हुए ऑनलाइन सट्टे के प्रमोटरों के साथ मिलकर हवाला का काम करता था। ऐप के कई प्रमोटरों से इसकी साझेदारी थी। छत्तीसगढ़ पुलिस की एफआइआर पर ईडी ने जांच शुरू की थी। वहीं ईडी इस मामले के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को गिरफ्तार कर भारत लाने की तैयारी कर रही है। दोनों दुबई में इंटरपोल की हिरासत में हैं।
भोपाल से ऐप का मास्टरमाइंड तलरेजा गिरफ्तार ईडी ने महादेव ऐप के एक मुख्य ऑपरेटर गिरीश तलरेजा को भोपाल के कोलार इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक टीम ने गुरुवार देर रात कोलार इलाके से तलरेजा को पकड़ा। परंतु ईडी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। भोपाल के ही रतनलाल जैन की भी तलाश की जा रही है, जो फरार है।