प्रधानमंत्री आवास की सुस्त रफ्तार पर जिला पंचायत सीईओ सख्त,39 सेक्टर सुपरवाइजरों को थमाए नोटिस, 30 सितंबर तक लक्ष्य पूरा करने की डेडलाइन,लक्ष्य में पिछड़े तो अगले माह के वेतन में होगी समानुपातिक कटौती
कलयुग की कलम से राकेश यादव

प्रधानमंत्री आवास की सुस्त रफ्तार पर जिला पंचायत सीईओ सख्त,39 सेक्टर सुपरवाइजरों को थमाए नोटिस, 30 सितंबर तक लक्ष्य पूरा करने की डेडलाइन,लक्ष्य में पिछड़े तो अगले माह के वेतन में होगी समानुपातिक कटौती
कलयुग की कलम कटनी – प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत आवासों को समय-सीमा में पूर्ण कराने को लेकर जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने सख्त रुख अपनाया है। आवास पूर्णता की अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिले की सभी जनपद पंचायतों के 39 सेक्टर सुपरवाइजरों को पत्र जारी कर जवाब-तलब किया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 30 सितंबर 2026 तक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप आवास पूर्णता में वांछित प्रगति सुनिश्चित करें।
दरअसल, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की कम प्रगति को लेकर 20 अगस्त को राज्य स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की गई थी। योजना का उद्देश्य पात्र हितग्राही परिवारों को समय पर किस्तों का भुगतान कर उनके आवास निर्माण को पूर्ण कराना है। इसी क्रम में राज्य स्तर से मिले निर्देशों के आधार पर जिला पंचायत सीईओ ने जिले के संबंधित सेक्टर सुपरवाइजरों को लक्ष्य पूरा करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की है।
2024-25 के 90% और 2025-26 के 50% आवास पूरे कराने का लक्ष्य
जारी निर्देश के अनुसार 30 सितंबर 2026 तक वर्ष 2024-25 में स्वीकृत आवासों में कम से कम 90 प्रतिशत तथा वर्ष 2025-26 में स्वीकृत आवासों में 50 प्रतिशत आवासों की पूर्णता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। संबंधित अधिकारियों को प्रगति की जानकारी निर्धारित समय में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि योजना के क्रियान्वयन में अपेक्षित रुचि नहीं लेना तथा वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों एवं निर्देशों की अवहेलना करना पदीय दायित्वों के विपरीत माना गया है। ऐसे मामलों को कदाचरण की श्रेणी में लिए जाने की चेतावनी दी गई है।
लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो वेतन पर पड़ेगा असर
जिला पंचायत सीईओ ने स्पष्ट किया है कि 30 सितंबर तक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं आने पर आगामी माह के वेतन में लक्ष्य प्राप्ति के अनुपात के आधार पर समानुपातिक कटौती की जाएगी। इस सख्त निर्देश के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित पूर्णताओं को लेकर संबंधित मैदानी अमले पर जिम्मेदारी बढ़ गई है।
इन जनपद पंचायतों के सेक्टर सुपरवाइजरों को जारी हुए पत्र
कटनी जनपद — 5: मनोज परोहा, मुकेश चक्रवर्ती, अवधेश दाहिया, त्रिभुवन सिंह एवं अनुरुद्ध परोहा।
रीठी — 7: आशीष यादव, भारती चौबे, चेतन सोनी, डीलन सिंह, एल.एन. मिश्रा, चंदन सिंह एवं आर.एस. हल्दकार।
बड़वारा — 4: बल्लू सिंह, विनय सिंह गहरवार, एच.एस. राठौर एवं नरेंद्र तिवारी।
विजयराघवगढ़ — 7: आलोक पटेल, गजल शर्मा, एच.एस. मार्को, के.एल. पटेल, कमला कोरी, पी.एस. बागरी एवं राहुल डोंगरे।
बहोरीबंद — 9: इंद्रकांत ब्यौहार, महाराज सिंह, मोहन सिंह श्याम, रामकुमार पटेल, आर.के. रजक, शाहिद सुल्तान, संदीप विश्वकर्मा, श्यामलाल गोटिया एवं सुशील साहू।
ढीमरखेड़ा — 7: अनिल जाटव, आर.पी.एस. मार्को, प्रदीप यादव, भूपेंद्र सिंह मौर्य, मनीष हल्दकार, विनोद शर्मा एवं सुमित साहू।
जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने सभी संबंधित सेक्टर सुपरवाइजरों को निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य हासिल कर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के आवासों की पूर्णता में ठोस प्रगति लाने के निर्देश दिए हैं।



