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गड्ढों में पुलिया, कीचड़ में सड़क… किसान ढूंढ रहे रास्ता! उमरिया पान के बड़ी माई मंदिर से गुरहा-कुदवारी मार्ग बदहाल, बरसात में पैदल किसानों का चलना हुआ मुश्किल,खेतों में खाद, बीज और अन्य सामग्री पहुंचाने में हो रही परेशानी,

कलयुग की कलम से राकेश यादव

गड्ढों में पुलिया, कीचड़ में सड़क… किसान ढूंढ रहे रास्ता! उमरिया पान के बड़ी माई मंदिर से गुरहा-कुदवारी मार्ग बदहाल, बरसात में पैदल किसानों का चलना हुआ मुश्किल,खेतों में खाद, बीज और अन्य सामग्री पहुंचाने में हो रही परेशानी,

कलयुग की कलम उमरिया पान – बारिश के मौसम ने उमरिया पान क्षेत्र के किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। बड़ी माई मंदिर से नहर पार कर गुरहा रोड होते हुए कुदवारी को जोड़ने वाला मार्ग इन दिनों बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है, जहां सड़क कम और गड्ढे व कीचड़ ज्यादा नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों और किसानों के लिए यह मार्ग रोजमर्रा की आवाजाही का महत्वपूर्ण रास्ता है, लेकिन बारिश के दौरान इसकी हालत बेहद खराब हो गई है।

पूरे मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे, कीचड़ और पानी का जमाव होने से आवागमन मुश्किल हो गया है। हालत यह है कि किसानों को खेत तक खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री पहुंचाना तो दूर, इस रास्ते से पैदल निकलने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर रास्ता इतना दलदली हो गया है कि राहगीरों को यह तक समझ नहीं आता कि पैर कहां रखा जाए।

कृषि कार्य प्रभावित, जिम्मेदारों से सवाल

इस मार्ग का उपयोग बड़ी संख्या में किसान खेतों तक पहुंचने के लिए करते हैं। बरसात के दिनों में सड़क की स्थिति खराब होने से कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि समय पर मार्ग की मरम्मत और आवश्यक पुलिया निर्माण हो जाए तो आवागमन की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।

ग्रामीणों के मुताबिक मार्ग की मरम्मत के लिए राशि स्वीकृत होने की चर्चा भी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कार्य शुरू नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर काम में देरी की वजह क्या है और स्वीकृत राशि का उपयोग कब होगा?

जनप्रतिनिधियों और विभाग से तत्काल पहल की मांग

ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से मार्ग का मौके पर निरीक्षण कराकर जल्द मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि बरसात के दिनों में सबसे अधिक जरूरत सड़क की होती है, क्योंकि इसी समय खेतों में खाद, बीज और अन्य सामग्री पहुंचानी पड़ती है।

ग्रामीणों की मांग है कि सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि मौके पर काम दिखाई दे। यदि समय रहते सड़क और पुलिया की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में किसानों की परेशानी और बढ़ सकती है।

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