पैर टूटा, पर हौसला नहीं — प्लास्टर चढ़े पैर से पूरी की जनगणना, कलेक्टर ने किया सम्मानित,कर्तव्यनिष्ठ प्रगणक सुनीत पाण्डेय बने जिले के लिए प्रेरणा
कलयुग की कलम से राकेश यादव

पैर टूटा, पर हौसला नहीं — प्लास्टर चढ़े पैर से पूरी की जनगणना, कलेक्टर ने किया सम्मानित,कर्तव्यनिष्ठ प्रगणक सुनीत पाण्डेय बने जिले के लिए प्रेरणा
कलयुग की कलम कटनी – दृढ़ इच्छाशक्ति और कर्तव्य के प्रति समर्पण हो तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती। इसका जीवंत उदाहरण देवरी हटाई के प्रगणक श्री सुनीत कुमार पाण्डेय ने प्रस्तुत किया। दुर्घटना में पैर फ्रैक्चर होने के बावजूद उन्होंने मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण किया। उनके इसी अदम्य साहस और कर्तव्यपरायणता से प्रभावित होकर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने शुक्रवार को शाल-श्रीफल एवं पुष्पमाला से सम्मानित किया।
कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि श्री पाण्डेय का समर्पण सभी प्रगणकों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने जनगणना कार्य में लगे सभी कर्मचारियों से समय-सीमा में त्रुटिरहित कार्य पूर्ण करने का आह्वान किया।
“ड्यूटी मत काटिए, मैं काम पूरा करूंगा”
दुर्घटना के बाद चिकित्सकों ने उन्हें आराम की सलाह दी। तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी श्री अतुलेश सिंह ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उनकी ड्यूटी हटाने का प्रस्ताव रखा, लेकिन श्री पाण्डेय ने विनम्रता से कहा—“ड्यूटी मत काटिए, मैं अपना काम पूरा करूंगा।” इसके बाद प्लास्टर चढ़े पैर, हाथ में रजिस्टर और मन में अटूट संकल्प के साथ वे रोज गांव-गांव और घर-घर पहुंचते रहे।
दर्द पर भारी पड़ा कर्तव्यबोध
हर कदम पर दर्द था, लेकिन उनके इरादे उससे कहीं अधिक मजबूत थे। कभी बैसाखी का सहारा लिया, तो कभी साथियों का सहयोग मिला, पर काम के प्रति उनकी निष्ठा में कोई कमी नहीं आई। गांव के लोग भी उनकी स्थिति देखकर भावुक हो उठे और सम्मानपूर्वक उनका उत्साह बढ़ाते रहे।
समय से पहले पूरा किया शत-प्रतिशत कार्य
अपनी मेहनत और संकल्प के बल पर श्री पाण्डेय ने निर्धारित समय से पहले मकान सूचीकरण और मकान गणना का पूरा कार्य संपन्न कर दिया। यह केवल प्रशासनिक लक्ष्य की पूर्ति नहीं, बल्कि कर्तव्य के प्रति समर्पण की मिसाल है।
जिले के कर्मचारियों के लिए बनी मिसाल
भीषण गर्मी में जहां कई लोग ड्यूटी से बचने का प्रयास करते हैं, वहीं श्री सुनीत कुमार पाण्डेय ने साबित कर दिया कि सच्ची कर्तव्यनिष्ठा कठिन परिस्थितियों में भी पीछे नहीं हटती।
उनकी प्रेरक कहानी यह संदेश देती है—“अगर इरादे मजबूत हों, तो हालात कभी रास्ता नहीं रोक सकते।”



