प्रशासनमध्यप्रदेश

ग्रामीण नल-जल योजनाओं के लिए वॉश समन्वयकों की नियुक्ति,हर घर नल-जल की निगरानी अब होगी और मजबूत,कटनी में जिला और जनपद स्तर पर नियुक्त हुए वॉश समन्वयक, ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन-संधारण की संभालेंगे जिम्मेदारी

कलयुग की कलम से राकेश यादव

ग्रामीण नल-जल योजनाओं के लिए वॉश समन्वयकों की नियुक्ति,हर घर नल-जल की निगरानी अब होगी और मजबूत,कटनी में जिला और जनपद स्तर पर नियुक्त हुए वॉश समन्वयक, ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन-संधारण की संभालेंगे जिम्मेदारी

कलयुग की कलम कटनी – ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक गुणवत्तापूर्ण पेयजल की नियमित एवं सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में जिला स्तर पर नई व्यवस्था लागू की गई है। नल-जल योजनाओं के प्रभावी संचालन, नियमित संधारण और दीर्घकालिक स्थायित्व को बेहतर बनाने के लिए जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने जिला एवं जनपद स्तर पर वॉश समन्वयकों की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं।

पेयजल एवं स्वच्छता से जुड़े कार्यों के बेहतर समन्वय, अनुश्रवण और प्रबंधन के लिए जिला स्तर पर जिला वॉश कार्यालय तथा जनपद पंचायत स्तर पर जनपद वॉश कार्यालय की संस्थागत व्यवस्था की गई है। इसी व्यवस्था के तहत अधिकारियों को नल-जल योजनाओं की निगरानी एवं समन्वय का दायित्व सौंपा गया है।

इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

जिला पंचायत कटनी में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत पदस्थ जिला समन्वयक (संविदा) श्री कमलेश सैनी को जिला वॉश समन्वयक बनाया गया है।

इसी प्रकार जनपद पंचायतों में पदस्थ विकासखंड समन्वयक (संविदा), स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) को जनपद वॉश समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें—बड़वारा — श्रीमती बबीता सिंह,बहोरीबंद — श्री नवीन साहू,ढीमरखेड़ा — श्रीमती संतोष पाठक,कटनी एवं रीठी — श्री जग्गी पटेल,विजयराघवगढ़ — श्रीमती श्रद्धा पांडे,शामिल हैं।

नियुक्त किए गए समन्वयक ग्रामीण नल-जल योजनाओं के संचालन, संधारण एवं प्रबंधन से जुड़े कार्यों में समन्वय और अनुश्रवण सुनिश्चित करेंगे। ये कार्य संबंधित अधिकारियों के अधीन किए जाएंगे।

योजनाओं की नियमित निगरानी पर रहेगा जोर

नवनियुक्त वॉश समन्वयक ग्राम स्तर पर स्थापित आंतरिक जल प्रणालियों के सुचारु संचालन, नियमित संधारण, प्रभावी प्रबंधन और पेयजल गुणवत्ता की निगरानी के लिए आवश्यक समन्वय करेंगे। जिला, जनपद और ग्राम पंचायत स्तर के संबंधित अमले के साथ तालमेल बनाकर नल-जल योजनाओं के संचालन में आने वाली समस्याओं के निराकरण की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

इसके साथ ही योजनाओं की नियमित निगरानी, संचालन संबंधी कमियों की पहचान तथा उनके समय पर निराकरण की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के व्यवस्थित एवं सतत संचालन को गति मिलने की उम्मीद है।

2026 के नियमों के तहत हुई नियुक्तियां

यह नियुक्तियां मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) दिनांक 22 जून 2026 के माध्यम से जारी मध्यप्रदेश पंचायत (ग्रामीण नल-जल योजना संचालन-संधारण एवं प्रबंधन) नियम, 2026 के प्रावधानों के तहत की गई हैं।

व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लक्षित परिवारों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पेयजल उपलब्ध कराने के साथ वर्तमान एवं भविष्य में स्थापित होने वाली पेयजल योजनाओं की प्रभावशीलता और दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित करना है।

नई व्यवस्था के प्रभावी होने से ग्रामीण पेयजल योजनाओं की निगरानी में जवाबदेही बढ़ने के साथ उनके संचालन एवं संधारण को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

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