ढीमरखेड़ा में जनविश्वास अभियान के तहत कलेक्टर की सक्रियता, 19 गांवों को सिंचाई सुविधा से लेकर ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण तक कई अहम पहल,झिर्री पंप हाउस का निरीक्षण, 5.25 करोड़ के जनपद भवन की गुणवत्ता परखी; 119 ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, तीन हितग्राहियों को भूमि की रजिस्ट्री, नन्ही पलक की कविता ने जीता कलेक्टर का दिल
कलयुग की कलम से राकेश यादव

ढीमरखेड़ा में जनविश्वास अभियान के तहत कलेक्टर की सक्रियता, 19 गांवों को सिंचाई सुविधा से लेकर ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण तक कई अहम पहल,झिर्री पंप हाउस का निरीक्षण, 5.25 करोड़ के जनपद भवन की गुणवत्ता परखी; 119 ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, तीन हितग्राहियों को भूमि की रजिस्ट्री, नन्ही पलक की कविता ने जीता कलेक्टर का दिल
कलयुग की कलम उ.पान ढीमरखेड़ा – मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को ढीमरखेड़ा क्षेत्र में प्रशासनिक गतिविधियां तेज नजर आईं। कलेक्टर आशीष तिवारी ने एक ओर झिर्री पंप हाउस का निरीक्षण कर 19 गांवों के 2372 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने वाली योजना की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, वहीं ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने 5 करोड़ 25 लाख रुपये से अधिक की लागत से निर्माणाधीन जनपद पंचायत भवन का औचक निरीक्षण किया और तीन हितग्राहियों को भूमि की निःशुल्क रजिस्ट्री के दस्तावेज सौंपे। सगौना आंगनवाड़ी में बच्चों के बीच पहुंचे कलेक्टर का नन्ही पलक महोबिया ने अपनी कविता से ध्यान आकर्षित किया।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, एसडीएम ढीमरखेड़ा निधि सिंह गोहल, जिला पंचायत सदस्य कविता पंकज राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
19 गांवों के 2372 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को मिलेगी सिंचाई सुविधा
कलेक्टर आशीष तिवारी ने ग्राम हरदुली स्थित ढीमरखेड़ा माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना के झिर्री पंप हाउस का निरीक्षण किया। उन्होंने योजना के प्रगतिरत कार्यों, पंप हाउस की व्यवस्थाओं और संचालन प्रणाली का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कार्यपालन यंत्री ए.के. तिवारी ने बताया कि झिर्री पंप हाउस के माध्यम से ढीमरखेड़ा तहसील के 19 गांवों के कुल 2372 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। पंप हाउस का कार्य कमांड एरिया सहित पूर्ण हो चुका है। यहां 1341 हॉर्स पावर क्षमता के दो पंप स्थापित किए गए हैं, जिनमें से एक पंप स्टैंडबाय के रूप में रखा गया है।
पंप संचालन के लिए 0.96 मेगावोल्ट विद्युत का उपयोग किया जाएगा। कलेक्टर ने पंप हाउस स्थित स्काडा रूम का निरीक्षण कर नियंत्रण एवं संचालन व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने ऑपरेटरों को जिम्मेदारी और सजगता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
तकनीकी जानकारी नहीं दे पाने पर कार्यपालन यंत्री से जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री से पंप की तकनीकी कार्यप्रणाली और उसमें कितने स्टेज हैं, इसकी जानकारी मांगी। संबंधित अधिकारी संतोषजनक जानकारी नहीं दे पाए, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय अधिकारी अपने कार्यों और तकनीकी व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी रखें, ताकि योजनाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
जनसंवाद शिविर में 119 ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत ग्राम पंचायत ढीमरखेड़ा में आयोजित जनसंवाद शिविर में कलेक्टर ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। शिविर में 119 ग्रामीण विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदन लेकर पहुंचे।
ग्रामीणों ने राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खाद्य, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित समस्याएं और मांगें प्रस्तुत कीं।
कलेक्टर ने आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार परीक्षण कर समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान में देरी नहीं होनी चाहिए और कार्रवाई की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि ग्रामीणों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
शिविर समाप्त होने के बाद भी कलेक्टर मंगल भवन में मौजूद ग्रामीणों के बीच पहुंचे। उन्होंने एक-एक व्यक्ति से मुलाकात कर उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि वे कार्यक्रम देखने और सुनने आए हैं।
5 करोड़ 25 लाख रुपये से बन रहे जनपद पंचायत भवन का निरीक्षण
कलेक्टर ने ग्राम पंचायत ढीमरखेड़ा में 5 करोड़ 25 लाख 67 हजार रुपये की लागत से निर्माणाधीन नवीन जनपद पंचायत भवन का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लेते हुए निर्माण एजेंसी को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मौके पर मौजूद ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की कार्यपालन यंत्री मेघा मौर्य ने बताया कि भवन निर्माण पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क वसूली के विरुद्ध अनुदान मद की राशि से कराया जा रहा है।
कलेक्टर ने निर्माण कार्य में निर्धारित मापदंडों का पालन करने और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
तीन ग्रामीणों को मिला भूमि का कानूनी अधिकार
स्वामित्व योजना के तहत ढीमरखेड़ा में आयोजित शिविर के दौरान कलेक्टर ने तीन हितग्राहियों को उनकी आवासीय भूमि की निःशुल्क रजिस्ट्री के दस्तावेज सौंपे।
ग्राम पंचायत ढीमरखेड़ा निवासी विनोद विश्वकर्मा को 232 वर्ग मीटर, राकेश बर्मन को 156 वर्ग मीटर तथा मीराबाई दुबे को 329 वर्ग मीटर भूमि की निःशुल्क रजिस्ट्री प्रदान की गई।
स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में मकानों और भूमि के स्वामित्व को अभिलेखबद्ध कर पात्र हितग्राहियों को कानूनी पहचान दिलाई जाती है। इससे संपत्ति संबंधी अधिकारों को मजबूती मिलती है और भविष्य में स्वामित्व को लेकर अनिश्चितताओं को कम करने में मदद मिलती है।
‘हम चलाएं गाड़ी, जाएंगे आंगनवाड़ी’ कविता सुनाकर नन्ही पलक ने जीता दिल
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर आशीष तिवारी ग्राम सगौना स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां बच्चों के बीच उन्होंने पढ़ाई और गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली।
इस दौरान नन्ही पलक महोबिया ने कलेक्टर के कहने पर पूरे आत्मविश्वास के साथ कविता सुनाई—‘हम चलाएं गाड़ी, जाएंगे आंगनवाड़ी…।’
पलक की मासूम प्रस्तुति और आत्मविश्वास से प्रभावित होकर कलेक्टर ने उसे चॉकलेट देकर शाबाशी दी और उसका हौसला बढ़ाया।
कलेक्टर ने आंगनवाड़ी सुपरवाइजर भावना साहू को निर्देश दिए कि केंद्र में नियमित कक्षाएं संचालित हों और बच्चों को खेल-खेल में सीखने के बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने बच्चों के पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत प्रशासन की इन गतिविधियों का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान, विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना, पात्र हितग्राहियों को उनके अधिकार दिलाना और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाना है।



